चमोली जिले में जोशीमठ के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर पीड़ितों के शव बरामद कर लिए हैं। हादसे की जगह बेहद दुर्गम और ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाके में थी, जिससे बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा।
बचाव दल पांडुकेश्वर की ओर से कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल आगे बढ़े। भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें देर शाम घटनास्थल तक पहुंचीं।
टीमों ने शवों को घटनास्थल से निकटतम सड़क तक 12 किलोमीटर पैदल पहुंचाया। इसके बाद रविवार सुबह शवों को हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश लाया गया।
आगे की प्रक्रिया
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उनके संबंधित परिवारों को सौंपे जाएंगे।
दुर्गम क्षेत्र में अभियान के दौरान कई विभागों और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर काम किया। घटनास्थल तक पहुंचने के लिए टीमों को कठिन पहाड़ी ट्रेल से गुजरना पड़ा।
निष्कर्ष
जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर हादसे के बाद सभी बरामद शव एम्स ऋषिकेश पहुंचाए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें संबंधित परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हेलिकॉप्टर हादसा कहां हुआ?
हादसा चमोली जिले में जोशीमठ के पास हुआ। घटनास्थल बेहद दुर्गम और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र में था।
Q. बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल थे?
भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीमें अभियान में शामिल थीं।
Q. बचाव दल घटनास्थल तक कैसे पहुंचा?
टीमें पांडुकेश्वर की ओर से कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलकर घटनास्थल तक पहुंचीं।
Q. शवों को सड़क तक कितनी दूरी पैदल लाया गया?
शवों को निकटतम सड़क तक 12 किलोमीटर पैदल लाया गया।
Q. शवों को कहां ले जाया गया?
शवों को रविवार सुबह हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया।
Q. अब आगे क्या होगा?
पोस्टमार्टम के बाद शव संबंधित परिवारों को सौंपे जाएंगे।












