चम्पावत के तामली इलाके में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पुलिस और एसएसबी की टीम ने संयुक्त पैदल गश्त की। इस दौरान जवानों ने सीमा से जुड़े गांवों में जाकर स्थानीय हालात और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी।

गश्ती दल चामी, तामली, रॉयल और सिरपटिया गांवों से होकर गुजरा। इन इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ दोनों सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

जवानों को साइबर ठगी के तरीकों की जानकारी

गश्त शुरू होने से पहले एसएसबी कैंप में जवानों के लिए जानकारी सत्र आयोजित किया गया। इसमें साइबर अपराध, नशे, यातायात नियमों और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। साइबर ठगी के बदलते तरीकों को पहचानने और उनसे सावधान रहने पर विशेष ध्यान दिया गया।

जवानों को टीआईपी लाइन, म्यूल अकाउंट, फर्जी मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए होने वाली ठगी के बारे में बताया गया। केवाईसी अपडेट और नौकरी दिलाने के नाम पर किए जाने वाले ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े मामलों को भी समझाया गया।

सीमा क्षेत्र में आवाजाही पर निगरानी

संयुक्त गश्त का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा निगरानी बनाए रखना है। पुलिस और एसएसबी के जवान ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर भी नजर रख रहे हैं। ऐसी गतिविधियों से दोनों विभागों के बीच समन्वय कायम रखने में मदद मिलती है।

सीमा क्षेत्र में गश्त के साथ जागरूकता से जुड़े विषयों पर जवानों को लगातार जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। अभियान में नशे और साइबर अपराध से जुड़े जोखिमों के प्रति सतर्क रहने का संदेश शामिल रहा।

निष्कर्ष

तामली क्षेत्र में हुई संयुक्त गश्त से सीमा सुरक्षा और स्थानीय निगरानी पर ध्यान केंद्रित किया गया। पुलिस तथा एसएसबी ने गांवों में पैदल निरीक्षण के साथ साइबर ठगी, नशे और अन्य संवेदनशील मामलों पर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. संयुक्त गश्त कहां हुई?

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े चम्पावत के तामली क्षेत्र में संयुक्त गश्त हुई।

Q. किन गांवों में जवानों ने पैदल गश्त की?

टीम ने चामी, तामली, रॉयल और सिरपटिया गांवों में पैदल गश्त की।

Q. गश्त में कौन-कौन शामिल था?

गश्त में तामली थाना पुलिस और एसएसबी के जवान शामिल रहे।

Q. जवानों को किन विषयों पर जानकारी दी गई?

उन्हें साइबर अपराध, नशे, यातायात नियमों और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों के बारे में बताया गया।

Q. साइबर ठगी के किन तरीकों पर सावधानी बरतने को कहा गया?

टीआईपी लाइन, म्यूल अकाउंट, फर्जी मैसेज, वीडियो कॉल, केवाईसी अपडेट और नौकरी के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी पर सावधान रहने को कहा गया।