उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को देहरादून स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय पहुंचे। 2016 की वीपीडीओ भर्ती में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे करीब 4 घंटे सवाल-जवाब किए गए। रावत नोटिस मिलने के लगभग 36 घंटे बाद ईडी के सामने पेश हुए।
रावत सुबह करीब 11 बजे अपनी मां की तस्वीर गले में डालकर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि अपने आने की जानकारी उन्होंने किसी को नहीं दी थी। पूछताछ के बाद वह शाम करीब 4 बजे मीडिया के सामने आए और मामले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
नोटिस में मांगे गए दस्तावेजों पर रावत की आपत्ति
ईडी कार्यालय जाने से पहले जारी वीडियो संदेश में रावत ने कहा कि उन्हें नोटिस 2 दिन पहले मिला था। उनके अनुसार, जांच एजेंसी ने पुराने आयकर रिटर्न और उनकी तथा परिवार के सदस्यों की संपत्तियों से जुड़े कागजात मांगे हैं।
रावत ने यह भी कहा कि नोटिस में ‘परिवार’ शब्द का दायरा साफ नहीं बताया गया। उन्होंने अपने परिवार को बड़ा बताते हुए कहा कि उनकी बेटियों की शादी हो चुकी है। इतने कम समय में सभी संबंधित सदस्यों के दस्तावेज जुटाना उनके लिए मुश्किल था।
रावत ने सरकार पर लगाया राजनीतिक बदले का आरोप
ईडी दफ्तर से बाहर निकलने के बाद रावत ने कहा कि उन्हें जांच एजेंसी नहीं, बल्कि सत्ता और उसका अहंकार बुला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल की चिंता इस कार्रवाई के पीछे है।
रावत ने कहा, "अगर सरकारें बदले की भावना से काम करेंगी तो देश कैसे चलेगा। हमें अपनी नहीं, देश और समाज की चिंता है।" यह उनका जांच और सरकार की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दावा है।
पूर्व ओएसडी के ठिकानों पर छापेमारी के बाद नोटिस
इस मामले में ईडी ने करीब 2 सप्ताह पहले रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद वहां से नकदी, सोना और महंगी घड़ियां मिलने का दावा किया गया था। इसी घटनाक्रम के बाद रावत को ईडी के देहरादून कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने रावत पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने रावत के गले में मां की तस्वीर होने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे राजनीति के लिए मां की तस्वीर का इस्तेमाल बताया और कहा कि यदि कुछ गलत नहीं किया गया है तो रावत को डरने की जरूरत क्यों है।
भट्ट ने कहा कि इस तरह की नाटकीय राजनीति से जांच प्रक्रिया या जनता की धारणा पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने रावत की मां को सज्जन और पूजनीय बताते हुए कहा कि अगर रावत उनके बताए रास्ते पर चलते तो ऐसी स्थिति नहीं आती। भट्ट ने रावत सरकार के दौरान हुए घोटालों की जांच का भी उल्लेख किया।
निष्कर्ष
ईडी ने 2016 की वीपीडीओ भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में हरीश रावत से पूछताछ की है। रावत ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जबकि भाजपा ने उनके आरोपों और पेश होने के तरीके पर सवाल उठाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हरीश रावत से ईडी ने किस मामले में पूछताछ की?
ईडी ने 2016 की वीपीडीओ भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ की।
Q. ईडी कार्यालय में रावत से कितनी देर पूछताछ हुई?
रावत से करीब 4 घंटे तक पूछताछ हुई।
Q. हरीश रावत ईडी कार्यालय कब पहुंचे?
वह शनिवार सुबह करीब 11 बजे देहरादून स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे।
Q. रावत ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और कार्रवाई के पीछे चुनावी चिंता है।
Q. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने क्या कहा?
महेंद्र भट्ट ने रावत के मां की तस्वीर लेकर पहुंचने पर सवाल उठाया और कहा कि इससे जांच प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ेगा।











