गरमपानी (नैनीताल)। बेतालघाट ब्लॉक के डोबा गांव में शिप्रा नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीणों ने खुद लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार किया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल से फिलहाल नदी के दूसरी ओर आने-जाने की व्यवस्था शुरू की गई है।
ग्रामीण लंबे समय से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। संतोष कुमार और सुमित कुमार के अनुसार, इस संबंध में सरकार और शासन-प्रशासन के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ।
बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल नहीं होने से लोगों को जोखिम उठाकर शिप्रा नदी पार करनी पड़ती है। इसका असर खासतौर पर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर उनकी मांग की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने और ठंड का मौसम शुरू होने के बाद उन्होंने आपसी सहयोग से लकड़ी का पुल बनाया, ताकि आवाजाही में कुछ सुविधा मिल सके।
बरसात से पहले स्थायी पुल की मांग
डोबा गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से शिप्रा नदी पर जल्द स्थायी पुल का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि आगामी बरसात से पहले पुल बनना जरूरी है, क्योंकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है।
निष्कर्ष
डोबा गांव में स्थायी पुल नहीं बनने के कारण ग्रामीणों ने लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया है। अब उनकी मांग है कि जिला प्रशासन आगामी बरसात से पहले शिप्रा नदी पर पुल का निर्माण शुरू कराए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह मामला कहां का है?
यह मामला नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक स्थित डोबा गांव का है।
Q. अस्थायी पुल किस नदी पर बनाया गया है?
ग्रामीणों ने शिप्रा नदी पर लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया है।
Q. पुल किसने बनाया?
डोबा गांव के ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से यह पुल तैयार किया है।
Q. ग्रामीणों को किन लोगों की आवाजाही में परेशानी होती है?
ग्रामीणों के अनुसार, नदी पार करने में स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत होती है।
Q. ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
उन्होंने जिला प्रशासन से आगामी बरसात से पहले शिप्रा नदी पर स्थायी पुल बनाने की मांग की है।








