दिल्ली में बीएस-4 और उससे पुराने डीजल वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक का असर कुमाऊं से दिल्ली बस रूट पर पड़ा है। नियमों के कारण हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो से दिल्ली जाने वाली बस सेवाओं में कटौती की जा रही है।

हल्द्वानी डिपो की एसी जनरथ सेवा रविवार से आगामी आदेश तक बंद हो जाएगी। यह बस बीएस-4 मानक के तहत आती है। इसी रूट पर एक साधारण बस का संचालन पहले ही बंद किया जा चुका है। जनरथ सेवा बंद होने से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

दिल्ली रूट पर बसों की संख्या घटेगी

काठगोदाम डिपो की एक और बस भी बीएस-4 नियमों के कारण बंद होगी। इस रूट पर पहले ही 5 बसों का संचालन बंद किया जा चुका है। इन बसों के बंद होने के पीछे प्रशासनिक कारणों और पुराने एमिशन नॉर्म्स का भी उल्लेख किया गया है।

विभाग के सामने नई बसों की कमी भी बनी हुई है। ऐसे में दिल्ली रूट पर उपलब्ध सार्वजनिक परिवहन विकल्प सीमित हो रहे हैं। यात्रियों को इस मार्ग पर यात्रा की योजना बनाते समय बस संचालन की स्थिति की जानकारी लेनी पड़ सकती है।

अधिकारियों ने नियमों के पालन की पुष्टि की

हल्द्वानी डिपो के एआरएम संजय पांडे और काठगोदाम डिपो के एआरएम गणेश पंत ने बीएस-4 बसों का संचालन रोकने की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम दिल्ली में लागू वाहनों से जुड़े नियमों का पालन करते हुए उठाया गया है।

यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए आगे के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल दिल्ली जाने वाले यात्रियों को निजी वाहन या अन्य स्वीकृत माध्यमों का सहारा लेना पड़ सकता है।

निष्कर्ष

दिल्ली में बीएस-4 और उससे पुराने डीजल वाहनों पर रोक के चलते हल्द्वानी की एसी जनरथ सेवा और काठगोदाम की एक बस बंद होगी। अधिकारी यात्रियों की असुविधा घटाने के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हल्द्वानी की कौन-सी बस सेवा बंद हो रही है?

हल्द्वानी डिपो की एसी जनरथ सेवा रविवार से आगामी आदेश तक बंद होगी।

Q. जनरथ सेवा क्यों बंद की जा रही है?

यह बस बीएस-4 मानक के तहत आती है। दिल्ली में बीएस-4 और उससे पुराने डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी है।

Q. काठगोदाम डिपो पर क्या असर पड़ा है?

काठगोदाम डिपो की एक और बस भी इस नियम के कारण बंद होगी।

Q. दिल्ली रूट पर पहले कितनी बसें बंद हो चुकी हैं?

इस रूट पर पहले ही 5 बसों का संचालन बंद किया जा चुका है।

Q. यात्रियों के लिए विभाग क्या कर रहा है?

यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए आगे के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।