देहरादून में कार को केरल पहुंचाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नमिता शर्मा की 19.90 लाख रुपये की नई फॉक्सवैगन वर्टस जीटी प्लस कार तय समय पर तिरुवनंतपुरम नहीं पहुंची। नेहरू कॉलोनी पुलिस ने अग्रवाल रोड असिस्टेंस लिमिटेड से जुड़े 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, नमिता शर्मा ने बीते 8 अगस्त को डीडीपीएम टावर, बायपास रोड स्थित शोरूम से कार खरीदी थी। उन्होंने कार अपने केरल स्थित घर, तिरुवनंतपुरम, पहुंचाने के लिए अग्रवाल रोड असिस्टेंस से संपर्क किया। कंपनी से जुड़े सुरेंद्र गौड़, अजीत, पार्थ और एक अन्य व्यक्ति ने 12 दिन में डिलीवरी का भरोसा दिया था।

नमिता ने 14 अगस्त को ट्रांसपोर्ट फीस के तौर पर कंपनी के खाते में 28,000 रुपये जमा किए। इसके बाद कंपनी के लोग शोरूम से कार ले गए। 12 दिन बीतने के बाद भी कार केरल नहीं पहुंची। करीब पूरा महीना गुजरने पर आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।

फास्टैग रिकॉर्ड से उत्तर प्रदेश में मिली कार

15 सितंबर को नमिता को ईमेल के जरिए कार का फास्टैग स्टेटमेंट मिला। इसमें कार केरल के बजाय उत्तर प्रदेश के रेहानकलां और बिलकबरपुर में चलती हुई दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने कंपनी से जुड़े लोगों से संपर्क किया। एक आरोपी ने कार कोच्चि में होने की बात कही, जबकि दूसरे ने उसे आगरा में बताया।

कार की स्थिति और आरोपियों के अलग-अलग जवाबों के बाद नमिता को अपने साथ ठगी होने का शक हुआ। उन्होंने पहले केरल के थुम्बा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई। बाद में यह मामला जांच के लिए देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने भेजा गया।

नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी देवेंद्र चौहान ने मामले की जानकारी दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस अब कार की स्थिति और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

निष्कर्ष

नई कार को केरल पहुंचाने के लिए ली गई 28,000 रुपये की फीस और 12 दिन की डिलीवरी के वादे के बाद वाहन तय जगह नहीं पहुंचा। फास्टैग रिकॉर्ड में कार उत्तर प्रदेश में मिली, जिसके बाद जीरो एफआईआर के आधार पर देहरादून में 4 लोगों के खिलाफ जांच शुरू हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. कार किसने खरीदी थी?

नमिता शर्मा ने 19.90 लाख रुपये में नई फॉक्सवैगन वर्टस जीटी प्लस कार खरीदी थी।

Q. कार कहां पहुंचाई जानी थी?

कार नमिता शर्मा के केरल स्थित घर, तिरुवनंतपुरम, पहुंचाई जानी थी।

Q. ट्रांसपोर्ट कंपनी ने कितनी फीस ली थी?

कंपनी के खाते में ट्रांसपोर्ट फीस के तौर पर 28,000 रुपये जमा किए गए थे।

Q. फास्टैग रिकॉर्ड में कार कहां मिली?

फास्टैग स्टेटमेंट में कार उत्तर प्रदेश के रेहानकलां और बिलकबरपुर में दिखाई दी।

Q. पुलिस ने किन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है?

नेहरू कॉलोनी पुलिस ने सुरेंद्र गौड़, अजीत, पार्थ और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

Q. शुरुआत में एफआईआर कहां दर्ज हुई थी?

नमिता ने पहले केरल के थुम्बा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में मामला देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने भेजा गया।