देहरादून में पुलिस लाइन में तैनात जवान मोहम्मद शादाब खान का शव 17 जुलाई को सिंघल मंडी के पास रेलवे पुल निर्माण स्थल पर मिला। शव एक ठेले के नीचे पड़ा था। पुलिस ने उनकी बहन आशी खान की नामजद शिकायत पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

शहर कोतवाल केसी भट्ट के अनुसार, आशी खान ने 2 युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। शिकायत में जीतन और नीशू के नाम शामिल हैं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, जीतन दून आइसक्रीम में काम करता है, जबकि नीशू रीठा मंडी का निवासी है। दोनों को फिलहाल शिकायत में नामजद किया गया है; उनकी भूमिका की जांच जारी है।

परिजनों के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले शादाब ने एसबीआई बैंक से 5,000 रुपये निकाले थे। बाद में यह रकम उनके पास नहीं मिली। परिवार ने इस बिंदु को भी पुलिस जांच में शामिल करने की मांग की है।

शव मिलने की सूचना कैसे मिली

परिजनों को मछली बेचने वाले सागर नाम के व्यक्ति ने शाम साढ़े 5 बजे सूचना दी। उसने बताया कि शादाब का शव राजकुमार के ठेले के नीचे पड़ा है। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी गई।

मोबाइल वीडियो और सीसीटीवी की जांच

आशी खान का दावा है कि शादाब के फोन में घटना से कुछ मिनट पहले के वीडियो मौजूद हैं। इन वीडियो में जीतन और नीशू को शादाब के साथ दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है।

पुलिस ने मामले में सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल वीडियो को जांच के लिए कब्जे में लिया है। इन रिकॉर्ड के आधार पर घटना से पहले की गतिविधियों और आरोपों में नामजद दोनों युवकों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

निष्कर्ष

मोहम्मद शादाब खान का शव 17 जुलाई को सिंघल मंडी के पास मिला था। बहन की नामजद शिकायत पर हत्या का केस दर्ज है और पुलिस सीसीटीवी, बैंक रिकॉर्ड तथा मोबाइल वीडियो के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मोहम्मद शादाब खान कहां तैनात थे?

वह देहरादून पुलिस लाइन में तैनात थे।

Q. शादाब खान का शव कहां मिला?

उनका शव सिंघल मंडी के पास रेलवे पुल निर्माण स्थल पर एक ठेले के नीचे मिला।

Q. पुलिस ने मामला किसकी शिकायत पर दर्ज किया?

पुलिस ने उनकी बहन आशी खान की नामजद तहरीर पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया।

Q. शिकायत में किन लोगों के नाम हैं?

शिकायत में जीतन और नीशू के नाम शामिल हैं।

Q. पुलिस किन चीजों की जांच कर रही है?

पुलिस सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल वीडियो की जांच कर रही है।