देहरादून नगर निगम ने भवन कर और राजस्व वसूली को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में भवन कर की मौजूदा वसूली, लंबित बकाया, बड़े बकायेदारों और कर निर्धार

नगर आयुक्त ने लंबे समय से भवन कर जमा नहीं करने वाले बड़े बकायेदारों की सूची अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर मामले की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार नोटिस देने के बाद भी कर जमा नहीं करने वालों के खिलाफ नियमों के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जाए। बकाया वसूली के लिए मांग पत्र और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को तय समय में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में नगर निगम क्षेत्र में बने नए मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य कर योग्य संपत्तियों को भवन कर के दायरे में लाने पर खास जोर दिया गया। अधिकारियों को ऐसे भवनों को पहचानने के निर्देश मिले, जिनका अभी तक कर निर्धारण नहीं हुआ है या जिनकी कर संबंधी जानकारी अपडेट नहीं है।

नगर आयुक्त ने क्षेत्रवार सर्वे और रिकॉर्ड के सत्यापन के जरिए ऐसी संपत्तियों का ब्यौरा तैयार करने को कहा। जिन संपत्तियों के क्षेत्रफल, उपयोग या अन्य जानकारी में बदलाव हुआ है, उनका भी सत्यापन कर निगम के रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा।

नगर आयुक्त ने भवन कर की वार्डवार और क्षेत्रवार समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। हर वार्ड में कर की मांग, वसूली, बकाया और नए करदाताओं की स्थिति का नियमित आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम की आय बढ़ने से शहर में सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क-नाली, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं के काम बेहतर हो सकेंगे।