देहरादून शहर में रात के समय सफर करने वालों की मुश्किलें कम करने के लिए जिला प्रशासन ने स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का अभियान तेज किया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर कराए गए निरीक्षण में 13 प्रमुख मार्गों पर 806 खराब स्ट्रीट लाइटें चिह्नित की गईं।

जन सुरक्षा और महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 13 अधिकारियों को अलग-अलग मार्गों का निरीक्षण सौंपा गया था। टीमों ने खराब लाइटों के साथ उन स्थानों की भी पहचान की, जहां रात में पर्याप्त रोशनी नहीं रहती।

किस मार्ग पर कितनी लाइटें खराब मिलीं

निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसबीटी शिमला बाईपास से प्रिंस चौक तक सबसे ज्यादा 132 स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं। सर्वे चौक से रायपुर मार्ग पर 105 और राजपुर रोड से मोहकमपुर मार्ग पर 94 लाइटें खराब पाई गईं।

सहस्रधारा क्रॉसिंग से पैसिफिक गोल्फ कोर्स मार्ग पर 83 स्ट्रीट लाइटों के साथ 2 हाईमास्ट लाइटें भी खराब मिलीं। मसूरी डायवर्जन से सचिवालय तक 81, घंटाघर से बुद्धा चौक होते हुए रिस्पना पुल तक 65 और घंटाघर से प्रेमनगर मार्ग पर 50 लाइटें खराब चिह्नित की गईं।

क्रॉस रोड मॉल से पवारा चौक मार्ग पर 49 और घंटाघर से मसूरी डायवर्जन मार्ग पर 45 स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं। घंटाघर से निरंजनपुर मंडी मार्ग पर 31, रिस्पना पुल से आईएसबीटी मार्ग पर 28 और बल्लूपुर चौक से आईएसबीटी मार्ग पर 26 लाइटें खराब पाई गईं।

शिमला बाईपास से गोरखपुर चौक मार्ग पर 15 स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं। प्रशासन ने सभी संबंधित क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए हैं।

नगर निगम और अन्य विभागों को जिम्मेदारी

प्रकाश व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और स्मार्ट सिटी लिमिटेड को अपने-अपने क्षेत्र में काम कराने को कहा गया है। विभागों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमुख चौराहों, बाजारों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक आवागमन वाले मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन खराब लाइटों की मरम्मत के साथ ऐसे स्थानों पर भी रोशनी की व्यवस्था सुधारना चाहता है, जहां रात में अंधेरा रहता है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि काम में लापरवाही या अनावश्यक देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे शहर के उन हिस्सों में प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश है, जहां रात में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

निष्कर्ष

देहरादून के 13 प्रमुख मार्गों पर खराब मिली 806 स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के साथ प्रशासन डार्क एरिया चिह्नित करेगा। नगर निगम और संबंधित विभागों को काम तेज करने तथा नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. देहरादून में कितनी खराब स्ट्रीट लाइटें चिह्नित की गई हैं?

13 प्रमुख मार्गों पर 806 खराब स्ट्रीट लाइटें चिह्नित की गई हैं।

Q. सबसे ज्यादा खराब लाइटें किस मार्ग पर मिलीं?

आईएसबीटी शिमला बाईपास से प्रिंस चौक मार्ग पर 132 खराब लाइटें मिलीं।

Q. निरीक्षण किसके निर्देश पर कराया गया?

निरीक्षण जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर कराया गया।

Q. किन विभागों को प्रकाश व्यवस्था सुधारने को कहा गया है?

नगर निगम, एनएचएआई, एमडीडीए और स्मार्ट सिटी लिमिटेड को अपने-अपने क्षेत्र में सुधार कराने को कहा गया है।

Q. डार्क एरिया में किन स्थानों पर ध्यान दिया जाएगा?

प्रमुख चौराहों, बाजारों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक आवागमन वाले मार्गों पर ध्यान दिया जाएगा।

Q. प्रशासन ने संबंधित विभागों को क्या निर्देश दिए हैं?

विभागों को मरम्मत कार्य तेज करने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।