चम्पावत में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का चरणबद्ध आंदोलन जारी है। सोमवार को जिला अस्पताल में संगठन के पदाधिकारियों ने बांह पर काला फीता लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम 1 सितंबर से शुरू किया गया है और 15 सितंबर तक चलना है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी ने बताया कि आंदोलन प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर किया जा रहा है। संगठन ने अपनी मांगों को लेकर विरोध का यह तरीका अपनाया है।
फार्मासिस्टों की 5 प्रमुख मांगें
फार्मासिस्ट 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर प्रथम एसीपी का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उपकेंद्रों के 391 पद बहाल करने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।
संगठन फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 लागू करने की मांग कर रहा है। फार्मासिस्टों ने उड़ीसा और असम की तर्ज पर दवा देने का अधिकार देने की बात भी रखी है।
चारधाम यात्रा ड्यूटी से जुड़े देयकों का भुगतान करना भी उनकी मांगों में शामिल है। एसोसिएशन का कहना है कि इन 5 मुद्दों को लेकर चरणबद्ध तरीके से विरोध जारी रहेगा।
जिला अस्पताल में जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी के साथ तान सिंह और मनोज पुनेठा ने भी काला फीता बांधकर विरोध जताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर तक इसी तरीके से आंदोलन किया जाना है।
निष्कर्ष
चम्पावत में डिप्लोमा फार्मासिस्टों का विरोध 5 मांगों पर केंद्रित है। संगठन के कार्यक्रम के अनुसार, काला फीता बांधने का चरण 15 सितंबर तक जारी रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चम्पावत में फार्मासिस्ट किस मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं?
फार्मासिस्ट 5 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
Q. विरोध का तरीका क्या है?
फार्मासिस्ट बांह पर काला फीता लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जता रहे हैं।
Q. यह कार्यक्रम कब तक चलेगा?
काला फीता बांधने का कार्यक्रम 1 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर तक चलना है।
Q. फार्मासिस्टों की प्रमुख मांगों में क्या शामिल है?
10 वर्ष की सेवा पर प्रथम एसीपी, उपकेंद्रों के 391 पदों की बहाली और फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 लागू करना प्रमुख मांगों में हैं।
Q. जिला अस्पताल में किन लोगों ने विरोध जताया?
विष्णु गिरी गोस्वामी, तान सिंह और मनोज पुनेठा ने जिला अस्पताल में विरोध जताया।









