चमोली जिले के पोखरी विकासखंड के गांवों में भालू की आवाजाही और मवेशियों पर हमलों के विरोध में ग्रामीणों का धरना छठे दिन भी जारी रहा। ग्रामीण पोखरी तहसील परिसर में वन विभाग से प्रभावित इलाकों में पिंजरे लगाकर भालू को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, भालू आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहा है। वह गोशालाओं में घुसकर मवेशियों को मार रहा है। इससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भालू की आवाजाही के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।

धरने में शामिल रुद्रप्रयाग जिले के कंदी गांव निवासी फंदे लाल ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों के हमलों से ग्रामीणों को जान-माल का नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, सरकार को इस समस्या पर कदम उठाकर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

ग्रामीणों की मुख्य मांग

आंदोलनकारी प्रभावित इलाकों में पिंजरे लगाने और भालू को पकड़ने की कार्रवाई चाहते हैं। उनका कहना है कि वन विभाग जब तक यह कदम नहीं उठाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने भालू की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की है। उनका कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों और गोशालाओं में भालू की पहुंच से लोगों और मवेशियों की सुरक्षा पर लगातार चिंता बनी हुई है।

निष्कर्ष

पोखरी तहसील परिसर में ग्रामीणों का धरना छठे दिन भी जारी है। आंदोलनकारी प्रभावित इलाकों में पिंजरे लगाकर भालू को पकड़ने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग पर कायम हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. पोखरी में ग्रामीणों का धरना क्यों चल रहा है?

भालू की आवाजाही और मवेशियों पर हमलों के विरोध में ग्रामीण धरना दे रहे हैं।

Q. ग्रामीण किस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं?

ग्रामीण प्रभावित इलाकों में पिंजरे लगाकर भालू को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।

Q. धरना कहां चल रहा है?

धरना पोखरी तहसील परिसर में चल रहा है।

Q. भालू से ग्रामीणों को किस तरह का नुकसान हो रहा है?

ग्रामीणों के अनुसार, भालू गोशालाओं में घुसकर मवेशियों को मार रहा है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।

Q. ग्रामीणों ने धरना कब तक जारी रखने की बात कही है?

आंदोलनकारियों ने कहा है कि वन विभाग की ओर से पिंजरे लगाकर भालू को पकड़ने की कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।