चमोली जिले में 11,155 पूर्व सैनिक और 5,195 सैनिक विधवाएं पंजीकृत हैं। इनसे जुड़े कल्याणकारी मामलों और चल रही योजनाओं की समीक्षा के लिए गुरुवार को गोपेश्वर के जिला सभागार में जिला सैनिक परिषद की बैठक हुई।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याएं प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए। बैठक में सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग की योजनाओं पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

सहायता और कल्याणकारी योजनाएं

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कलम सिंह ने बताया कि जिले में 98 वीर नारियां और द्वितीय विश्व युद्ध की 20 वीरांगनाएं भी पंजीकृत हैं। अक्टूबर तक द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगनाओं को 11.76 लाख रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।

बैठक में बताया गया कि 87 वीरता पदक प्राप्त सैनिकों और उनके आश्रितों को 67 लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। इसके अलावा पुत्री विवाह अनुदान, छात्रवृत्ति, पेंशनरी अनुदान और भर्ती से पहले प्रशिक्षण जैसी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।

11 शहीद द्वारों के निर्माण की समीक्षा

जिले में प्रस्तावित 11 शहीद द्वारों के निर्माण की भी समीक्षा की गई। मैखोली में शौर्य चक्र विजेता शहीद सिपाही रघुवीर सिंह के नाम पर शहीद द्वार बन चुका है।

काण्डेई, फलोदा, मस्ट, सुनाऊ और गिरसा समेत अन्य जगहों पर शहीद द्वारों का निर्माण कार्य चल रहा है। बैठक में इन कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई।

विश्राम गृह और ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के लिए जमीन

पूर्व सैनिकों ने कर्णप्रयाग के कालेश्वर में सैनिक विश्राम गृह और ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग रखी। थराली में प्रस्तावित सैनिक विश्राम गृह को कुलसारी में बनाने का सुझाव भी दिया गया।

डीएम ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को गैरसैंण में सैनिक विश्राम गृह के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस बर्त्वाल (सेवानिवृत्त), विभिन्न विभागों के अधिकारी, पूर्व सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।

निष्कर्ष

चमोली की जिला सैनिक परिषद की बैठक में पूर्व सैनिकों और सैनिक परिवारों के लिए चल रही मदद, 11 शहीद द्वारों और सैनिक सुविधाओं से जुड़ी जमीन की प्रक्रियाओं की समीक्षा हुई। गैरसैंण में जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चमोली में कितने पूर्व सैनिक पंजीकृत हैं?

चमोली जिले में 11,155 पूर्व सैनिक पंजीकृत हैं।

Q. जिले में कितनी सैनिक विधवाएं पंजीकृत हैं?

जिले में 5,195 सैनिक विधवाएं पंजीकृत हैं।

Q. बैठक में कितने शहीद द्वारों की समीक्षा हुई?

बैठक में जिले में प्रस्तावित 11 शहीद द्वारों के निर्माण की समीक्षा की गई।

Q. वीरता पदक प्राप्त सैनिकों को कितना अनुदान दिया गया?

87 वीरता पदक प्राप्त सैनिकों और उनके आश्रितों को 67 लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है।

Q. कालेश्वर में किस सुविधा के लिए जमीन मांगी गई है?

कर्णप्रयाग के कालेश्वर में सैनिक विश्राम गृह और ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की गई।

Q. गैरसैंण को लेकर क्या निर्देश दिए गए?

डीएम ने गैरसैंण में सैनिक विश्राम गृह के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।