चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में किमोठा और तोणजी के बीच भालू की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने भालू को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाया है।
वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं ने बताया कि किमोठा-तोणजी के बीच भालू की आवाजाही वाली जगह पर पिंजरा लगाया गया है। वन विभाग के कर्मचारी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे हैं और भालू की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
ग्राम प्रधान किमोठा हरिकृष्ण किमोठी के अनुसार, ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए रास्ते में पिंजरा लगाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वन विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों को भालू की दहशत से राहत मिलेगी।
ग्रामीणों की सुरक्षा पर फोकस
वन विभाग की मौजूदा कार्रवाई में भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के कदम शामिल हैं। अभी भालू के पकड़े जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
किमोठा और तोणजी के बीच आवाजाही करने वाले ग्रामीणों के लिए वन विभाग की गश्त और निगरानी महत्वपूर्ण है। विभाग के कर्मचारी भालू की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष
किमोठा-तोणजी क्षेत्र में भालू की लगातार आवाजाही के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया और गश्त तेज की है। विभाग भालू की गतिविधियों पर नजर रख रहा है, जबकि ग्रामीणों को राहत की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. भालू की आवाजाही किस क्षेत्र में हो रही है?
किमोठा और तोणजी के बीच भालू की लगातार आवाजाही हो रही है।
Q. वन विभाग ने क्या कदम उठाया है?
वन विभाग ने भालू को पकड़ने के लिए आवाजाही वाली जगह पर पिंजरा लगाया है।
Q. इलाके में गश्त कौन कर रहा है?
वन विभाग के कर्मचारी इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं।
Q. वन विभाग भालू पर कैसे नजर रख रहा है?
कर्मचारी भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं।
Q. ग्रामीणों की ओर से क्या कहा गया है?
ग्राम प्रधान किमोठा हरिकृष्ण किमोठी ने कहा कि पिंजरा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है।










