चमोली के नारायणबगड़ ब्लॉक के बमियाला, कफोली और नोलापानी गांवों में भालुओं की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण परेशान हैं। गांवों के आसपास भालुओं के झुंड दिखाई देने की बात ग्रामीणों ने कही है। इससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, भालू फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके डर के कारण महिलाओं के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परिवार चिंतित हैं।
वन विभाग से कार्रवाई की मांग
बुधवार को बमियाला और कफोली गांवों के ग्रामीण वनक्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने भालुओं की समस्या से राहत दिलाने की मांग रखी और वनक्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भालुओं को आबादी वाले इलाकों से दूर जंगल की ओर भगाने का आग्रह किया गया।
ग्रामीणों की मांग पर वनक्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ ने प्रभावित गांवों के लिए वनकर्मियों की एक टीम भेजी है। भालुओं को भगाने के लिए ग्रामीणों को पटाखे भी उपलब्ध कराए गए हैं।
ज्ञापन देने वालों में केशर सिंह, कृपाल सिंह, गोपाल सिंह, महेंद्र सिंह, ममंद अध्यक्ष नंदी देवी, संगीता देवी, जीतसिंह और उदयसिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
निष्कर्ष
3 गांवों में भालुओं की आवाजाही से लोगों की दिनचर्या, फसल और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। वन विभाग ने स्थिति से निपटने के लिए टीम भेजकर कार्रवाई शुरू की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. किन गांवों में भालू दिखाई दे रहे हैं?
बमियाला, कफोली और नोलापानी गांवों में भालुओं की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है।
Q. भालुओं की मौजूदगी से ग्रामीणों पर क्या असर पड़ा है?
महिलाओं के रोजमर्रा के काम और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हुई है। फसलों को नुकसान पहुंचने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
Q. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्या मांग की?
ग्रामीणों ने भालुओं को आबादी वाले इलाकों से हटाकर जंगल की ओर भगाने की मांग की।
Q. वन विभाग ने क्या कदम उठाया है?
वनक्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ के अनुसार, प्रभावित गांवों के लिए वनकर्मियों की टीम रवाना की गई है।
Q. ग्रामीणों को क्या मदद दी गई है?
भालुओं को भगाने के लिए ग्रामीणों को पटाखे दिए गए हैं।









