अल्मोड़ा के चौमू गांव में खत्याड़ी पेयजल पंपिंग योजना के तहत पंप हाउस तक प्रस्तावित सड़क के निरीक्षण का ग्रामीणों ने विरोध किया। निरीक्षण के लिए वन विभाग, राजस्व विभाग और जल संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी गांव पहुंचे थे। अधिकारियों के पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
ग्रामीणों का कहना है कि खत्याड़ी पेयजल पंपिंग योजना के लिए प्रस्तावित सड़क गांव की सीमा के बीचों-बीच और सड़क किनारे रहने वाले लोगों के पास से गुजर रही है। उनका दावा है कि इससे सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों को भविष्य में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने योजना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि चौमू के लोगों की आपत्तियां सुनी जाएं और उनका उचित समाधान किया जाए। इसके साथ ही सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों पर पड़ने वाले असर का आकलन करने की मांग भी रखी गई।
ग्रामीणों ने जांच पूरी होने और आपत्तियों का निस्तारण होने तक योजना से जुड़ी आगे की कार्रवाई रोकने को कहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने यही मांगें रखीं।
विरोध में सरपंच अशोक सिंह के अलावा महेश राणा, पूरन राणा, गोपाल सिंह पवार, त्रिलोक सिंह पवार, गोविंद राणा, दीवान पवार, दीवान राम, देवेंद्र कुमार, बिमला राणा, गोविंद कनवाल, चंदन बिष्ट, गौरव सिंह और मोंटी पवार शामिल रहे।
निष्कर्ष
चौमू गांव के ग्रामीणों ने खत्याड़ी पेयजल पंपिंग योजना के तहत प्रस्तावित सड़क के निरीक्षण का विरोध करते हुए निष्पक्ष जांच, आपत्तियों के समाधान और असर के आकलन की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच और आपत्तियों के निस्तारण तक आगे की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चौमू गांव में ग्रामीणों ने किस बात का विरोध किया?
ग्रामीणों ने खत्याड़ी पेयजल पंपिंग योजना के तहत पंप हाउस तक प्रस्तावित सड़क के निरीक्षण का विरोध किया।
Q. निरीक्षण के लिए कौन-कौन से विभागों के अधिकारी पहुंचे थे?
वन विभाग, राजस्व विभाग और जल संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी निरीक्षण के लिए पहुंचे थे।
Q. ग्रामीणों को प्रस्तावित सड़क से क्या चिंता है?
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क गांव के बीच और सड़क किनारे रहने वाले लोगों के पास से गुजर रही है। इससे उन्हें भविष्य में दिक्कत हो सकती है।
Q. ग्रामीणों ने कौन-कौन सी मुख्य मांगें रखीं?
उन्होंने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, आपत्तियों के समाधान और सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों पर असर के आकलन की मांग की।
Q. ग्रामीण आगे की कार्रवाई के बारे में क्या चाहते हैं?
ग्रामीणों ने जांच पूरी होने और आपत्तियों का निस्तारण होने तक आगे की कार्रवाई रोकने की मांग की है।








