अल्मोड़ा में फर्जी उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा यानी यूटीईटी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्राथमिक शिक्षक की नौकरी पाने के आरोप में 3 सहायक अध्यापकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिक्षा विभाग की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला भैसियाछाना ब्लॉक के 3 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों से जुड़ा है। इनमें राप्रावि कुनखेत नवीन में तैनात भूपेंद्र कुमार, राप्रावि बौड़ा में तैनात अंजना ग्वासीकोटी और राप्रावि बूढ़ाधौर में तैनात प्रियांशु चंद शामिल हैं। तीनों को जनवरी 2026 में नियुक्ति दी गई थी।

भूपेंद्र कुमार पिथौरागढ़ के खड़की के निवासी हैं। अंजना ग्वासीकोटी तल्ला पानी, पिथौरागढ़ की निवासी हैं। प्रियांशु चंद हल्द्वानी की कुमाऊं कालोनी दमुवाढूंगा के निवासी हैं।

जांच में क्या सामने आया

शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों के दस्तावेज उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर को जांच के लिए भेजे थे। परिषद की 6 जुलाई की रिपोर्ट में बताया गया कि अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक और अंकपत्रों पर दर्ज क्यूआर कोड फर्जी थे।

रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड के मूल टेबुलेशन रजिस्टर में तीनों अभ्यर्थियों से जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद विभागीय जांच समिति ने मामले की जांच की और 14 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी।

जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर डीईओ प्रारंभिक डॉ. रवि मेहता ने तीनों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने पुलिस को तहरीर दी। इसी तहरीर के आधार पर तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, शिक्षा विभाग से मिली तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपों और दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मुकदमा दर्ज होना आरोपों की कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत है; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद सामने आएगा।

निष्कर्ष

शिक्षा विभाग की जांच में तीनों शिक्षकों के यूटीईटी प्रमाणपत्रों के क्यूआर कोड फर्जी पाए गए और बोर्ड रिकॉर्ड में उनका विवरण नहीं मिला। विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। अब पुलिस दर्ज मुकदमे के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. अल्मोड़ा मामले में कितने शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज हुआ है?

3 सहायक अध्यापकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

Q. शिक्षकों पर किस तरह के प्रमाणपत्र इस्तेमाल करने का आरोप है?

उन पर फर्जी उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा यानी यूटीईटी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप है।

Q. दस्तावेजों की जांच किसने की?

शिक्षा विभाग ने दस्तावेज उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर को जांच के लिए भेजे थे।

Q. जांच में क्या गड़बड़ी मिली?

अभ्यर्थियों के अंकपत्रों पर दर्ज क्यूआर कोड फर्जी पाए गए। बोर्ड के मूल टेबुलेशन रजिस्टर में भी उनका रिकॉर्ड नहीं मिला।

Q. तीनों शिक्षकों के खिलाफ विभाग ने क्या कार्रवाई की?

विभागीय जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर तीनों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

Q. मामले में अब क्या हो रहा है?

पुलिस ने शिक्षा विभाग की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।