चंपावत के बाराकोट ब्लॉक स्थित कामाज्यूला इलाके में शनिवार शाम पिकअप के खाई में गिरने से 2 लोग घायल हो गए। वाहन करीब 200 मीटर नीचे जा गिरा। हादसे के बाद दोनों घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए लोहाघाट भेजा गया।

दुर्घटना में रैघाव, तहसील बाराकोट निवासी जीत सिंह अधिकारी (58) और पिकअप चालक नारायण सिंह अधिकारी (36) घायल हुए हैं। दोनों का इलाज लोहाघाट के उप जिला चिकित्सालय में चल रहा है।

पिकअप का वाहन नंबर यूके 03 सीए 4351 है। यह वाहन कामाज्यूला क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान चालक का नियंत्रण छूट गया और पिकअप सड़क से नीचे खाई में जा गिरी।

दुर्गम इलाके में कई टीमों ने चलाया रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस, राजस्व विभाग, फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं। घटनास्थल तक पहुंचना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया।

रेस्क्यू टीमों और स्थानीय लोगों ने मिलकर दोनों घायलों को खाई से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और आगे के इलाज के लिए लोहाघाट के उप जिला चिकित्सालय भेजा गया।

हादसे की वजह की जांच जारी

शुरुआती जांच में पिकअप से नियंत्रण खोना हादसे की वजह मानी जा रही है। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। संबंधित स्तर पर इसकी जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे वाली जगह सड़क के किनारे काफी गहरी खाई है। इसी वजह से दुर्घटना के बाद बचाव दलों को घायलों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

निष्कर्ष

कामाज्यूला में हुई दुर्घटना में चालक समेत 2 लोग घायल हुए हैं। दोनों का इलाज लोहाघाट में चल रहा है, जबकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. कामाज्यूला हादसा कब हुआ?

यह दुर्घटना शनिवार शाम हुई।

Q. हादसा किस जगह हुआ?

हादसा चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के कामाज्यूला क्षेत्र में हुआ।

Q. पिकअप कितनी गहरी खाई में गिरी?

पिकअप करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

Q. हादसे में कौन घायल हुए?

रैघाव निवासी जीत सिंह अधिकारी और पिकअप चालक नारायण सिंह अधिकारी घायल हुए हैं।

Q. घायलों को कहां भर्ती कराया गया?

दोनों को लोहाघाट के उप जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

Q. दुर्घटना की वजह क्या बताई जा रही है?

शुरुआती जांच में वाहन से नियंत्रण खोना वजह माना जा रहा है। वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।