यमकेश्वर में ग्राम प्रधान संगठन ने बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि प्रदेश स्तर पर रखी गई 10 सूत्री मांगों पर 4 महीने बीतने के बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्रधानों ने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन के बाद ब्लॉक अध्यक्ष अनिल नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों का जल्द समाधान कराने की अपील की है।
मानदेय और हाजिरी व्यवस्था में बदलाव की मांग
संगठन ने ग्राम प्रधानों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की मांग रखी है। वार्ड सदस्यों को बैठकों में शामिल होने पर मानदेय देने की बात भी ज्ञापन में शामिल है।
पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क की परेशानी का हवाला देते हुए प्रधानों ने ऑनलाइन हाजिरी की जगह ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग भी उठाई।
पंचायतों को अधिक अधिकार और बजट देने की मांग
ग्राम प्रधानों ने जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर ग्राम पंचायतों को ज्यादा धनराशि देने की मांग की। जिला योजना के कामों में ग्राम पंचायत की खुली बैठक से स्वीकृति लेना जरूरी करने की मांग भी रखी गई है।
संगठन ने प्रधान संगठन को नामित सदस्य बनाने और पंचायतीराज एक्ट के 29 विभाग ग्राम पंचायतों को सौंपने की मांग की। इसके अलावा विधायक और सांसद निधि की तरह ग्राम प्रधान निधि का प्रावधान करने की बात कही गई है।
प्रधानों के अनुसार, 10 लाख रुपये तक स्वीकृत कामों में ग्राम पंचायत को कार्यदायी संस्था बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों के स्वास्थ्य और जीवन बीमा की सुविधा देने की मांग भी रखी है।
आवास सर्वे और पंचायत टैक्स को लेकर भी मांग
ज्ञापन में पीएम आवास प्लस सर्वे-2024 में पात्र ग्रामीणों के नाम प्राथमिकता सूची में शामिल करने की मांग की गई है। प्रधानों ने 16वें वित्त के तहत परिवारों पर प्रस्तावित टैक्स की अनिवार्यता खत्म करने की मांग भी उठाई।
खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल ने बताया कि ग्राम प्रधानों की ओर से मांगों से जुड़ा ज्ञापन मिला है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।
निष्कर्ष
यमकेश्वर के ग्राम प्रधानों ने 4 महीने से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय की मांग की है। फिलहाल ज्ञापन उच्च अधिकारियों को भेजा गया है, जबकि संगठन ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन बढ़ाने की बात कही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ग्राम प्रधानों ने विरोध प्रदर्शन कहां किया?
यमकेश्वर ब्लॉक मुख्यालय पर ग्राम प्रधानों ने तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।
Q. प्रधानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन कैसे भेजा?
ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया।
Q. ग्राम प्रधानों के मानदेय को लेकर क्या मांग है?
संगठन ने ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।
Q. मजदूरी को लेकर संगठन ने क्या कहा है?
अकुशल श्रमिकों के लिए 600 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 800 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग की गई है।
Q. ऑनलाइन हाजिरी के संबंध में क्या मांग रखी गई?
पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क की परेशानी को देखते हुए ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन हाजिरी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।
Q. मांगों पर कार्रवाई न होने पर संगठन ने क्या चेतावनी दी?
ग्राम प्रधान संगठन ने कहा है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
Q. ज्ञापन मिलने के बाद प्रशासन ने क्या किया?
खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल के अनुसार, ज्ञापन उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।







