काशीपुर में परिवहन विभाग के निशुल्क नेत्र जांच शिविर में 150 लोगों की आंखों की जांच की गई। एआरटीओ कार्यालय में हुए इस आयोजन में वाहन चालकों के साथ आम लोगों ने भी हिस्सा लिया। दृष्टि संबंधी दिक्कत पाए जाने पर जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे वितरित किए गए।

शिविर का आयोजन बुधवार को एआरटीओ प्रवर्तन काशीपुर संदीप वर्मा के निर्देशन में हुआ। जांच के लिए ऋषिकेश स्थित निर्मल आई इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों की टीम पहुंची थी। टीम में वसीम अहमद, मनोज और सुखबीर शामिल रहे।

सड़क सुरक्षा से जुड़ा आयोजन

एआरटीओ प्रवर्तन संदीप वर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता कार्यक्रम लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।

परिवहन विभाग के अनुसार, वाहन चालकों का बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। शिविर के जरिए चालकों में आंखों की नियमित जांच और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

आयोजन की व्यवस्थाओं में परिवहन कर अधिकारी नंदन आर्य, जगदीश चंद्र, अनिल कुमार, सचिन कुमार और जयंत वशिष्ठ ने सहयोग किया। प्रवर्तन कार्मिक अरविंद सिंह, निशा राणा, सोनिया, कैलाश चंद्र और गजेंद्र भी व्यवस्था में शामिल रहे।

विभाग ने शिविर को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित वाहन संचालन और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी पहल बताया।

निष्कर्ष

शिविर में 150 लोगों की आंखों की जांच हुई और जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे दिए गए। परिवहन विभाग ने ऐसे कार्यक्रमों को सड़क सुरक्षा जागरूकता से जोड़ते हुए आगे भी जारी रखने की बात कही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. काशीपुर में नेत्र जांच शिविर किसने लगाया?

परिवहन विभाग काशीपुर ने एआरटीओ कार्यालय में यह निशुल्क शिविर आयोजित किया।

Q. शिविर में कितने लोगों की आंखों की जांच हुई?

शिविर में 150 लोगों की आंखों की जांच की गई।

Q. शिविर में किन लोगों ने हिस्सा लिया?

वाहन चालकों और आम लोगों ने शिविर में भाग लिया।

Q. जरूरतमंदों को क्या सुविधा दी गई?

दृष्टि संबंधी समस्या मिलने पर जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे वितरित किए गए।

Q. आंखों की जांच किस टीम ने की?

ऋषिकेश के निर्मल आई इंस्टीट्यूट के नेत्र विशेषज्ञों की टीम ने जांच की।

Q. शिविर का सड़क सुरक्षा से क्या संबंध था?

आयोजन का उद्देश्य वाहन चालकों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, सुरक्षित वाहन संचालन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम था।

Q. भविष्य को लेकर परिवहन विभाग ने क्या कहा?

एआरटीओ प्रवर्तन संदीप वर्मा ने बताया कि ऐसे जनहितकारी जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रखे जाएंगे।