विकासनगर में सरकारी विभागों पर बकाया बिजली बिलों के भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से संज्ञान लेने और सख्ती दिखाने के कदम का जन संघर्ष मोर्चा ने स्वागत किया है। मोर्चा ने इसे लंबे समय से उठाया जा रहा मुद्दा बताया।
मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि सरकारी विभागों पर करीब 1300 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। उनके अनुसार, इतनी बड़ी रकम बाकी होने के बावजूद यूपीसीएल कार्रवाई करने से कतरा रहा है।
नेगी ने आरोप लगाया कि आम उपभोक्ता का महज 5 हजार रुपये बकाया होने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है। उन्होंने सरकारी विभागों और आम उपभोक्ताओं के मामले में इस अंतर को सौतेला व्यवहार करार दिया।
मुख्यमंत्री की सख्ती पर जताई सराहना
जन संघर्ष मोर्चा का कहना है कि मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों के बकाया बिजली बिलों के मामले को गंभीरता से लिया है। मोर्चा अध्यक्ष ने इस कदम को सराहनीय बताया है।
इस मुद्दे का केंद्र सरकारी विभागों पर बकाया रकम और आम उपभोक्ताओं पर होने वाली कार्रवाई के बीच का अंतर है। मोर्चा ने यूपीसीएल की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं और सरकारी बकाया की वसूली पर जोर दिया है।
निष्कर्ष
जन संघर्ष मोर्चा ने सरकारी विभागों के करीब 1300 करोड़ रुपये के बिजली बकाये पर मुख्यमंत्री की सख्ती का समर्थन किया है। मोर्चा अध्यक्ष ने आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाने और सरकारी विभागों पर कार्रवाई में अंतर का आरोप लगाया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सरकारी विभागों पर कितने रुपये का बिजली बिल बकाया बताया गया है?
करीब 1300 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया बताया गया है।
Q. इस मामले पर किस संगठन ने प्रतिक्रिया दी है?
जन संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री की सख्ती का स्वागत किया है।
Q. जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष कौन हैं?
रघुनाथ सिंह नेगी जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष हैं।
Q. आम उपभोक्ता का कितने रुपये बकाया होने पर कनेक्शन काटने का आरोप है?
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि 5 हजार रुपये बकाया होने पर आम उपभोक्ता का कनेक्शन काट दिया जाता है।
Q. सरकारी विभागों के बकाये को लेकर किस संस्था पर सवाल उठाए गए हैं?
मोर्चा अध्यक्ष ने यूपीसीएल पर सरकारी विभागों के बकाये के मामले में कार्रवाई करने से कतराने का आरोप लगाया है।












