उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की याचिका पर राज्य सरकार से 3 दिन के भीतर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की पीठ ने की।
साहू ने अदालत से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का अनुरोध भी किया है। यह एफआईआर उनकी पत्नी रेखा आर्य की ओर से दर्ज कराई गई है।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मामले में जवाब दाखिल करने को कहा। जवाब के लिए अदालत ने 3 दिन का समय दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस चरण में अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक या एफआईआर रद्द करने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।
आगे क्या होगा
अब राज्य सरकार को अदालत के निर्देश के अनुसार 3 दिन में अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद याचिका में उठाई गई गिरफ्तारी पर रोक और एफआईआर रद्द करने की मांग पर आगे सुनवाई होगी।
निष्कर्ष
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने गिरधारी लाल साहू की याचिका पर राज्य सरकार से 3 दिन में जवाब मांगा है। साहू की याचिका में गिरफ्तारी पर रोक और रेखा आर्य की ओर से दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखंड हाई कोर्ट ने किस मामले में जवाब मांगा है?
राज्य सरकार से गिरधारी लाल साहू की याचिका पर जवाब मांगा गया है।
Q. गिरधारी लाल साहू ने अदालत से क्या मांग की है?
उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है।
Q. एफआईआर किसने दर्ज कराई है?
एफआईआर रेखा आर्य की ओर से दर्ज कराई गई है।
Q. मामले की सुनवाई किस पीठ ने की?
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की पीठ ने की।
Q. राज्य सरकार को कब तक जवाब देना है?
अदालत ने राज्य सरकार को 3 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।













