उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने एक ही वर्ष में गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में विधानसभा के 2 सत्र आयोजित किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे गैरसैंण को दी जा रही प्राथमिकता और प्रदेश की जनभावनाओं के सम्मान से जोड़ते हुए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उनकी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में गैरसैंण पर विशेष ध्यान दिया है। उनका कहना है कि विधानसभा सत्रों का गैरसैंण में आयोजन इस क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने की नीति का हिस्सा है।
सदन की कार्यवाही और विपक्ष पर टिप्पणी
धामी ने कहा कि विधानसभा में जनहित और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, विधानसभा लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा और समाधान की दिशा तय की जाती है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय लगातार हंगामा करने और सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को समस्याओं के समाधान के लिए सदन में भेजा है, न कि हंगामा करके लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रदेश के विकास और जनता के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस बयान में सरकार ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने को विकास और जनभावनाओं के सम्मान से जुड़ा कदम बताया है।
गैरसैंण को लेकर सरकार का रुख
सरकार के इस रुख में गैरसैंण को विधानसभा की कार्यवाही के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्राथमिकता देने की बात सामने आती है। एक ही वर्ष में 2 सत्रों का आयोजन राज्य के इतिहास में पहली बार होने का दावा इस निर्णय को विशेष महत्व देता है।
वहीं, सदन में विपक्ष के हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी विधानसभा की कार्यवाही और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर केंद्रित है। सरकार का कहना है कि सदन का इस्तेमाल जनता की समस्याओं पर चर्चा और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों के समाधान के लिए होना चाहिए।
निष्कर्ष
सरकार के अनुसार, गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में एक ही वर्ष में 2 विधानसभा सत्रों का आयोजन राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसे गैरसैंण के विकास और जनभावनाओं के सम्मान से जोड़ा, साथ ही विपक्ष से सदन की कार्यवाही में सार्थक भागीदारी की अपेक्षा जताई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गैरसैंण में एक ही वर्ष में कितनी बार विधानसभा सत्र हुए?
एक ही वर्ष में गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में विधानसभा के 2 सत्र आयोजित किए गए।
Q. इस आयोजन को राज्य के इतिहास में खास क्यों बताया गया है?
इसे राज्य के इतिहास में पहली बार एक ही वर्ष में गैरसैंण में 2 विधानसभा सत्र आयोजित किए जाने के रूप में बताया गया है।
Q. सरकार ने गैरसैंण को लेकर क्या कहा है?
सरकार ने कहा है कि उसने पिछले 5 वर्षों में गैरसैंण को विशेष प्राथमिकता दी है।
Q. मुख्यमंत्री ने विधानसभा की भूमिका के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि विधानसभा में जनहित और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
Q. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने विपक्ष पर लगातार हंगामा करके सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
Q. सरकार के अनुसार जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी क्या है?
सरकार के अनुसार, जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सदन में काम करना चाहिए।













