उत्तराखंड के बैंकों में खाताधारकों और उनके वारिसों की करीब 550 करोड़ रुपये की रकम अब भी अनक्लेम्ड है। लंबे समय से इन खातों में लेनदेन नहीं हुआ है। रकम के हकदारों तक पहुंचने के लिए बीते साल से अभियान चलाया जा रहा है।
राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक खाताधारकों और उनके वारिसों को सिर्फ 22 करोड़ रुपये लौटाए गए हैं। इसके बावजूद बड़ी रकम अभी भी बैंकों में पड़ी है और उसके दावेदार सामने नहीं आए हैं।
देहरादून में करीब साढ़े 4 लाख निष्क्रिय खातों में लगभग 178 करोड़ रुपये जमा हैं। जिलेवार आंकड़ों में देहरादून की कुल अनक्लेम्ड रकम 256.33 करोड़ रुपये बताई गई है।
किन जिलों में कितनी रकम
जिलेवार स्थिति में हरिद्वार 88.13 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है। पौड़ी में 52.32 करोड़, पिथौरागढ़ में 30.54 करोड़, नैनीताल में 26.53 करोड़ और टिहरी में 25.83 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं।
चमोली में 15.01 करोड़, उत्तरकाशी में 13.11 करोड़, ऊधमसिंह नगर में 11.98 करोड़ और बागेश्वर में 11.07 करोड़ रुपये जमा हैं। चंपावत में 9.41 करोड़, रुद्रप्रयाग में 8.66 करोड़ और अल्मोड़ा में 1.08 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड रकम बताई गई है।
रकम अनक्लेम्ड रहने की वजह
लीड बैंक अधिकारी संजय भाटिया के अनुसार, लंबे समय तक खाते में लेनदेन नहीं होने से रकम अनक्लेम्ड रह जाती है। खाताधारक की मृत्यु या मोबाइल नंबर और पता बदल जाने से भी बैंक उनसे संपर्क नहीं कर पाते।
कई मामलों में वारिसों को खाते और उसमें जमा रकम की जानकारी नहीं होती। बैंक खातों में दर्ज मोबाइल नंबर और पते के आधार पर खाताधारकों या वारिसों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
एलआईसी और निवेश की रकम भी शामिल
अनक्लेम्ड रकम केवल बैंक खातों तक सीमित नहीं है। उत्तराखंड के लोगों की करीब 50 करोड़ रुपये की राशि एलआईसी, म्यूचुअल फंड और शेयरों में भी अनक्लेम्ड बताई गई है।
इसका मतलब है कि कई लोगों या उनके वारिसों को इन निवेशों की जानकारी नहीं है। कुछ मामलों में जानकारी होने के बावजूद अब तक दावा नहीं किया गया है।
अपना बैंक खाता कैसे तलाशें
खाताधारक या उनके वारिस आरबीआई के उद्गम पोर्टल पर अनक्लेम्ड जमा की जानकारी खोज सकते हैं। रकम मिलने पर संबंधित बैंक की किसी भी शाखा में दावा फार्म और जरूरी केवाईसी दस्तावेज जमा करने होंगे।
बैंक दस्तावेजों और दावे का सत्यापन करने के बाद रकम खाताधारक या वैध वारिस को लौटाता है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में बड़ी रकम अब भी अपने हकदारों तक नहीं पहुंची है। खाताधारक और वारिस उद्गम पोर्टल पर जानकारी देखकर जरूरी दस्तावेजों के साथ बैंक में दावा कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखंड के बैंकों में कितनी रकम अनक्लेम्ड है?
प्रदेश के बैंकों में करीब 550 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड रकम बताई गई है।
Q. अब तक कितनी रकम खाताधारकों को लौटाई गई है?
अब तक खाताधारकों और उनके वारिसों को 22 करोड़ रुपये लौटाए गए हैं।
Q. देहरादून में कितने निष्क्रिय खाते हैं?
देहरादून में करीब साढ़े 4 लाख निष्क्रिय खातों में लगभग 178 करोड़ रुपये जमा हैं।
Q. किस जिले में सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड रकम है?
देहरादून में सबसे ज्यादा 256.33 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड रकम है।
Q. बैंक रकम अनक्लेम्ड क्यों रह जाती है?
लंबे समय तक लेनदेन नहीं होने, खाताधारक की मृत्यु या मोबाइल नंबर और पता बदलने से रकम अनक्लेम्ड रह सकती है।
Q. अनक्लेम्ड बैंक जमा की जानकारी कहां मिलेगी?
खाताधारक या वारिस आरबीआई के उद्गम पोर्टल पर यह जानकारी खोज सकते हैं।
Q. रकम का दावा करने के लिए क्या जमा करना होगा?
संबंधित बैंक की किसी भी शाखा में दावा फार्म और जरूरी केवाईसी दस्तावेज जमा करने होंगे।
Q. बैंक रकम किसे लौटाता है?
सत्यापन के बाद रकम खाताधारक या वैध वारिस को लौटाई जाती है।









