उत्तराखंड विधानसभा सत्र के लिए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आईजी कानून-व्यवस्था निलेश आनंद भरणे ने बताया कि चमोली जिले में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की 7 कंपनियां तैनात की गई हैं। इस सत्र की सुरक्षा में कुल करीब 1,500 personnel लगाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी के साथ फायर ब्रिगेड, वायरलेस संचार इकाइयां और स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी इकाइयों को विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा और समन्वय के लिए तैनात किया गया है।
सुरक्षा प्रबंधों के तहत करीब 14 बैरिकेड लगाए गए हैं। आईजी ने कहा कि बैरिकेड ऐसी जगहों पर लगाए गए हैं, जिससे संवैधानिक दायित्व निभाने के लिए जा रहे किसी विधायक का रास्ता बाधित न हो। व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि विधायकों को आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
सुरक्षा व्यवस्था में शामिल इकाइयां
- प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी की 7 कंपनियां
- फायर ब्रिगेड
- वायरलेस संचार इकाइयां
- स्थानीय खुफिया इकाई
- करीब 1,500 personnel
विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचार और स्थानीय खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रखा गया है। चमोली जिले में पीएसी की तैनाती इस तैयारियों का प्रमुख हिस्सा है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के लिए चमोली में पीएसी की 7 कंपनियों समेत करीब 1,500 personnel तैनात किए गए हैं। करीब 14 बैरिकेड के बावजूद विधायकों की आवाजाही सुचारु रखने की व्यवस्था की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. विधानसभा सत्र की सुरक्षा में कितने personnel लगाए गए हैं?
करीब 1,500 personnel विधानसभा सत्र की सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं।
Q. चमोली में पीएसी की कितनी कंपनियां तैनात हैं?
चमोली जिले में पीएसी की 7 कंपनियां तैनात की गई हैं।
Q. सुरक्षा व्यवस्था में कौन-कौन सी इकाइयां शामिल हैं?
पीएसी, फायर ब्रिगेड, वायरलेस संचार इकाइयां और स्थानीय खुफिया इकाई सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हैं।
Q. कितने बैरिकेड लगाए गए हैं?
सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 14 बैरिकेड लगाए गए हैं।
Q. क्या बैरिकेड से विधायकों की आवाजाही प्रभावित होगी?
आईजी कानून-व्यवस्था के अनुसार, बैरिकेड इस तरह लगाए गए हैं कि विधायकों का रास्ता बाधित न हो।












