हल्द्वानी में बिजली कटौती की सूचना अब केवल फीडर के नाम तक सीमित नहीं रहेगी। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने यूपीसीएल को निर्देश दिए हैं कि समाचार पत्रों में जारी होने वाली कटौती की सूचनाओं में प्रभावित गांवों और कॉलोनियों के नाम भी साफ तौर पर लिखे जाएं।
ये निर्देश यूपीसीएल के हल्द्वानी और रुद्रपुर के मुख्य अभियंताओं को दिए गए हैं। आयुक्त ने विभाग की मौजूदा सूचना व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई बार विज्ञप्तियों में सिर्फ संबंधित फीडर का नाम दर्ज होता है।
उपभोक्ताओं को क्या जानकारी मिलेगी
फीडर का तकनीकी नाम आम उपभोक्ता के लिए आसानी से समझ में नहीं आता। इससे लोगों को यह पता नहीं चल पाता कि उनके इलाके में बिजली कटौती होगी या नहीं। कटौती होने पर उसका समय और असर समझना भी मुश्किल रहता है।
नए निर्देशों के बाद बिजली कटौती की सूचना में उस फीडर से प्रभावित सभी क्षेत्रों की जानकारी देनी होगी। इसमें संबंधित गांवों और कॉलोनियों के नाम शामिल होंगे। इससे उपभोक्ता अपने इलाके के बारे में पहले से स्पष्ट जानकारी ले सकेंगे।
आयुक्त के निर्देशों का उद्देश्य बिजली कटौती से जुड़ी जानकारी को अधिक साफ और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है। अभी केवल तकनीकी पहचान प्रकाशित होने से कई लोगों को सूचना मिलने के बाद भी अपने क्षेत्र की स्थिति समझ नहीं आती।
विभागीय भाषा से जुड़ी परेशानी
बिजली उपभोक्ता नियमित रूप से बिल का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद कटौती की जानकारी समझने के लिए उन्हें विभागीय भाषा और तकनीकी शब्दों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई व्यवस्था इसी सूचना की कमी को दूर करने की कोशिश है।
स्थानीय स्तर पर इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्हें बिजली बंद रहने की जानकारी पहले से चाहिए होती है। गांव और कॉलोनी का नाम मिलने से उपभोक्ता यह समझ सकेंगे कि जारी सूचना उनके क्षेत्र से संबंधित है या नहीं।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
दीपक रावत ने कहा है कि निर्देशों को गंभीरता से नहीं लेने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब है कि बिजली कटौती की सूचना तैयार करने और प्रकाशित करने में विभाग को अब अधिक स्पष्टता रखनी होगी।
निष्कर्ष
हल्द्वानी में बिजली कटौती की जानकारी को तकनीकी फीडर नाम से आगे बढ़ाकर स्थानीय क्षेत्रों के नाम से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को अपने गांव या कॉलोनी से जुड़ी सूचना समझने में आसानी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बिजली कटौती की सूचना में अब क्या बदलाव होगा?
अब सूचना में केवल फीडर का नाम नहीं होगा। संबंधित फीडर से प्रभावित गांवों और कॉलोनियों के नाम भी दिए जाएंगे।
Q. ये निर्देश किसने दिए हैं?
कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने ये निर्देश दिए हैं।
Q. निर्देश किन अधिकारियों को दिए गए हैं?
निर्देश यूपीसीएल के हल्द्वानी और रुद्रपुर के मुख्य अभियंताओं को दिए गए हैं।
Q. केवल फीडर का नाम लिखने से क्या परेशानी होती है?
आम उपभोक्ताओं के लिए फीडर का तकनीकी नाम समझना मुश्किल होता है। इसलिए उन्हें अपने इलाके में बिजली कटौती की जानकारी साफ नहीं मिल पाती।
Q. निर्देशों का पालन नहीं करने पर क्या होगा?
दीपक रावत ने ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो निर्देशों को गंभीरता से नहीं लेंगे।










