संतोष आर्यन, पिथौरागढ़। उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से शिक्षक दिवस से पूर्व गुरुजन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था, पढ़ाई के लिए हो रहे पलायन, भूमि की खरीद-फरोख्त, पुरानी पेंशन बहाली तथा वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। शुक्रवार को नगर के एक होटल में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूकेडी के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। राज्य गठन के बाद धरातल पर ठोस नीतियां नहीं बन पाने के कारण आज प्रदेश के कई क्षेत्र पलायन, व्यापार और रोजगार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।जनपद में 114 विद्यालयों के बंद होने को चिंता का विषय बताया। कहा कि एक ओर विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शराब की नई दुकानें और भट्ठियां खोलने की नीतियां बनाई जा रही हैं। इस दौरान जितेंद्र वल्दिया, प्रवीण रावल, अनिल कुमार, गिरधर सिंह बिष्ट, द्वारिका प्रसाद जोशी, पुष्कर दत्त जोशी, डॉ.अशोक पंत, कल्पना, डॉ.आशा जोशी, भूपेंद्र सिंह थापा, लक्ष्मण सिंह खाती, बलराज सिंह रावत, महिमन जोशी व छलिया दल का प्रतिनिधित्व करने वाले भीम राम कोहली को शॉल ओढाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी जिलाध्यक्ष जनार्दन उप्रेती, भास्कर आनंद जोशी, कैप्टन रिटायर दीवान सिंह वल्दिया ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेडा, महानगर अध्यक्ष राम सिंह, जगत सिंह मेहता, रमेश सिंह बिष्ट, गिरीश जोशी, उषा बिष्ट सहित अन्य यूकेडी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Pithoragarh
यूकेडी ने शिक्षक दिवस से पहले गुरुजन संवाद में शिक्षा–प्लायन और पेंशन बहाली पर चर्चा, 114 स्कूलों के बंद होने पर चिंता जताई
पिथौरागढ़ में आयोजित गुरुजन संवाद कार्यक्रम में यूकेडी नेताओं ने शिक्षकों의 भूमिका, पलायन, भूमि लेन–देन और पुरानी पेंशन बहाली पर विचार साझा किए। वक्ताओं में पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी प्रमुख शामिल रहे।









