अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड में मंगलवार सुबह बाघ दिखाई देने से दर्जियाधौड़ और आसपास के तोकों में फिर चिंता फैल गई। करीब 7 बजे अकेले रहने वाले हीराराम के सामने बाघ आ गया। दोनों के बीच दूरी लगभग 2 सौ मीटर थी और बाघ धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ रहा था।

हीराराम बोल नहीं पाते हैं। बाघ को अपनी दिशा में आते देखकर वह घबरा गए और उनके मुंह से अस्पष्ट आवाजें निकलने लगीं। मदद मांगने के लिए वह किसी तरह पड़ोसी बालीराम के घर की ओर दौड़े। आवाज सुनकर बालीराम बाहर आए और डंडा लेकर शोर करते हुए उनकी तरफ बढ़े।

बालीराम के मुताबिक, वह मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी बाघ दिखाई दिया। आसपास के लोगों के एक साथ शोर मचाने पर बाघ वापस मुड़ा और शिवाड़ी तोक की तरफ चला गया। वहां रहने वाले लोगों को मोबाइल से सूचना दी गई, ताकि वे पहले से सतर्क रहें।

ग्रामीणों ने घरों से निकलकर मचाया शोर

शिवाड़ी तोक के पास रहने वाले भरत ने भी आवाज सुनी। इसके बाद उनका पूरा परिवार बाहर आया और आसपास के लोगों के साथ मिलकर लगातार शोर किया। ग्रामीणों ने बाद में बाघ को शिवाड़ी की दिशा में जाते हुए देखा।

ग्रामीणों के अनुसार, हीराराम दर्जियाधौड़ में अपने घर पर अकेले रहते हैं। उनका कहना है कि यदि आसपास के लोगों ने समय रहते उनकी आवाज नहीं सुनी होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना की जानकारी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भरत बिष्ट को दी गई। उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना पहुंचाई।

वन विभाग ने कई इलाकों में की गश्त

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम दिन में दर्जियाधौड़ पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में गश्त कर लोगों को सतर्क किया। विभागीय कर्मचारियों ने ग्रामीणों से घरों के आसपास रोशनी रखने और झाड़ियों की सफाई करने को कहा।

वन क्षेत्राधिकारी मोहान हेमा कर्नाटक के अनुसार, टीम ने दर्जियाधौड़ के साथ गोदी, खोल्यो धार, दाना-पानी, टोटाम, सौराल, जीवलखाल और चौरेआम में भी गश्त की। जंगल जाने वाली महिलाओं और स्कूली बच्चों को समूह में जाने की सलाह दी गई है। रात में बिना जरूरत बाहर न निकलने तथा पालतू मवेशियों को खुले में न बांधने के लिए भी कहा गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी बाघ से जुड़ी जानलेवा घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने बाघ को जल्द पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजने की मांग की है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने ग्रामसभा के लोगों को संदेश भेजकर सावधानी बरतने की अपील की है।

निष्कर्ष

सौराल गांव में बाघ की मौजूदगी के बाद वन विभाग ने गश्त बढ़ाकर ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए हैं। ग्रामीण अब बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे हैं और अकेले बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. बाघ कहां दिखाई दिया?

बाघ अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के सौराल गांव के दर्जियाधौड़ तोक में दिखाई दिया।

Q. बाघ हीराराम से कितनी दूरी पर था?

बाघ हीराराम से करीब 2 सौ मीटर दूर था और उनकी तरफ बढ़ रहा था।

Q. बाघ वहां से कैसे गया?

ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ पलटकर शिवाड़ी तोक की ओर चला गया।

Q. वन विभाग ने क्या कार्रवाई की?

टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दर्जियाधौड़ समेत आसपास के कई क्षेत्रों में गश्त की। ग्रामीणों को सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए।

Q. ग्रामीणों को कौन-कौन सी सावधानियां बताई गईं?

लोगों से रात में अनावश्यक बाहर न निकलने, घर के आसपास रोशनी रखने और झाड़ियों की सफाई करने को कहा गया है। महिलाओं और स्कूली बच्चों को समूह में जंगल जाने की सलाह दी गई है।

Q. ग्रामीणों की मांग क्या है?

ग्रामीणों ने बाघ को जल्द पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजने की मांग की है।