टिहरी के जौनपुर ब्लॉक में ओडारसू-बंगसील मोटर मार्ग का लगभग डेढ़ किलोमीटर हिस्सा अब भी पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते पालीगाड और दशज्यूला पट्टी के दर्जनों गांव सड़क संपर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। इस अधूरे हिस्से का असर क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवलसारी तक पहुंच पर भी पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क मार्ग पूरा नहीं होने से रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। देवलसारी जाने वाले पर्यटकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग शासन और प्रशासन के सामने रखते रहे हैं।
इन गांवों पर असर
सड़क का काम पूरा न होने से ओडारसू, किनसू, टिक्क, भ्यासारी, पुजाल्डी, नौगांव, बुडकोट, खेड़ा, पापरा और बैट समेत कई गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग पूरा होने से इन बस्तियों के बीच संपर्क बेहतर होगा और देवलसारी तक पहुंच आसान हो सकेगी।
ग्राम प्रधान प्रियंका देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीश कुमार, गजेंद्र नौटियाल, कुलबीर रावत, विजेंद्र पवार, महिला समूह अध्यक्ष शोभना देवी, पूर्व प्रधान महावीर चमोली, बलवीर परमार और खेमराज पुजारी ने निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मांग पर अब तक समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा है कि यदि काम शीघ्र शुरू नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन करेगी। यह चेतावनी सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर दी गई है।
वन भूमि की वजह से बदला जा रहा एलाइनमेंट
लोक निर्माण विभाग के थत्यूड़ खंड के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल के मुताबिक, मार्ग के करीब 1200 मीटर हिस्से में वन भूमि की समस्या सामने आ रही है। इस हिस्से में पेड़ों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क का एलाइनमेंट दोबारा स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद सड़क का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस हिस्से में आगे का निर्माण कार्य बढ़ सकेगा।
निष्कर्ष
ओडारसू-बंगसील मार्ग का अधूरा हिस्सा गांवों और देवलसारी के सड़क संपर्क में बड़ी बाधा बना हुआ है। फिलहाल आगे की कार्रवाई वन भूमि से जुड़ी मंजूरी और संयुक्त निरीक्षण के बाद ही होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ओडारसू-बंगसील मोटर मार्ग कहां स्थित है?
यह मार्ग टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक क्षेत्र में है।
Q. सड़क का कितना हिस्सा अधूरा है?
मार्ग का लगभग डेढ़ किलोमीटर हिस्सा पूरा नहीं हुआ है। विभाग ने 1200 मीटर वन भूमि का भी उल्लेख किया है।
Q. अधूरी सड़क से कौन-सा पर्यटन स्थल प्रभावित है?
देवलसारी तक सड़क मार्ग से पहुंच प्रभावित है। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी हो रही है।
Q. किन गांवों पर इसका असर बताया गया है?
ओडारसू, किनसू, टिक्क, भ्यासारी, पुजाल्डी, नौगांव, बुडकोट, खेड़ा, पापरा और बैट समेत कई गांव प्रभावित हैं।
Q. सड़क निर्माण में देरी की वजह क्या बताई गई है?
मार्ग के 1200 मीटर हिस्से में वन भूमि और अधिक पेड़ों की समस्या बताई गई है। इसी कारण एलाइनमेंट फिर से स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
Q. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
एनओसी मिलने के बाद सड़क का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद निर्माण से जुड़ी आगे की कार्रवाई होगी।
Q. ग्रामीणों ने क्या चेतावनी दी है?
ग्रामीणों ने कहा है कि जल्द काम शुरू नहीं होने पर क्षेत्रीय जनता आंदोलन करेगी।









