बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील में कुंवारी क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने अंतिम संस्कार को लेकर मुश्किल खड़ी हो गई है। शंभू नदी पर बनी झील में पानी बढ़ने से स्थानीय श्मशान घाट डूब गया है।

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि झील से पानी फिलहाल बाहर निकल रहा है। हालांकि, आसपास भूस्खलन जारी रहने से खतरा अभी टला नहीं है।

जांच में क्या मिला

मौके पर पहुंची समिति ने करीब 800 मीटर लंबी झील का जायजा लिया। झील के मुहाने से नीचे की दिशा में लगभग 250 मीटर हिस्से में मलबा जमा मिला। अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में भूस्खलन अभी सक्रिय है।

कुंवारी में शंभू नदी के रास्ते में साल 2013 से भूस्खलन के कारण बार-बार झील बनती रही है। मौजूदा स्थिति की पड़ताल के लिए गठित समिति में कपकोट के तहसीलदार, बागेश्वर के सहायक भू-वैज्ञानिक, सिंचाई खंड कपकोट के सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल थे। कपकोट के राजस्व निरीक्षक और बादिशाकोट के राजस्व उपनिरीक्षक भी समिति का हिस्सा रहे।

जांच समिति ने माना कि मलबा हटाकर पानी का रास्ता पक्का करना केवल अस्थायी कदम होगा। झील बनने की समस्या खत्म करने के लिए भूस्खलन के मूल कारणों और उसे रोकने के उपायों की विस्तृत तकनीकी जांच जरूरी बताई गई है।

विशेषज्ञ जांच और मलबा हटाने की सिफारिश

समिति ने यूएलएमएमसी देहरादून और टीएचडीसी जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं से अध्ययन कराने की सलाह दी है। इसके साथ ही झील में जमा मलबे को मजदूरों और आधुनिक मशीनों की मदद से हटाने की जरूरत बताई गई है।

इससे पहले कुंवारी में शंभू नदी की झील और भूस्खलन की स्थिति का अध्ययन इसरो के एनआरएससी के वैज्ञानिक कर चुके हैं। इस अध्ययन में 2013 से 2025 तक के उपग्रह आंकड़ों, सेंटिनल-1 रडार डेटा और मैदानी सर्वेक्षण का इस्तेमाल किया गया।

अध्ययन में यह भी देखा गया कि झील टूटने की स्थिति में नीचे की ओर बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। फिलहाल पानी की निकासी हो रही है, लेकिन सक्रिय भूस्खलन के कारण क्षेत्र की निगरानी और स्थायी तकनीकी समाधान की जरूरत बनी हुई है।

निष्कर्ष

कुंवारी में बढ़ते जलस्तर ने श्मशान घाट को डुबोकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। पानी की निकासी जारी है, पर स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञ जांच, मलबा हटाने और भूस्खलन रोकने के उपाय जरूरी बताए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. कुंवारी क्षेत्र में क्या समस्या सामने आई है?

शंभू नदी पर बनी झील का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय श्मशान घाट डूब गया है। इससे ग्रामीणों को अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है।

Q. झील की लंबाई कितनी बताई गई है?

जांच के दौरान झील की लंबाई करीब 800 मीटर मिली।

Q. झील से पानी निकल रहा है या नहीं?

जांच समिति के अनुसार, झील से फिलहाल पानी बाहर निकल रहा है।

Q. इलाके में खतरा क्यों बना हुआ है?

क्षेत्र में भूस्खलन अब भी सक्रिय है। इसी वजह से झील और आसपास के इलाके में खतरा बना हुआ है।

Q. स्थायी समाधान के लिए क्या सुझाव दिया गया है?

विशेषज्ञ संस्थाओं से तकनीकी जांच कराने और भूस्खलन रोकने के उपाय तलाशने की सिफारिश की गई है। मलबा हटाने के लिए मजदूरों और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल की जरूरत भी बताई गई है।