सेवारत शिक्षकों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता और पदोन्नति न मिलने के विरोध में शिक्षकों ने शिक्षक दिवस पर बांह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया। शिक्षकों ने उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराए जाने की मांग शासन से की है।शनिवार को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों ने विरोध की रणनीति बनाई थी लेकिन विद्यालयों में अवकाश घोषित होने पर उन्होंने घर पर ही बांह पर काली पट्टी बांधी और वर्चुअल बैठक मेें विरोध जताया। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश कुमार ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का ही नहीं बल्कि उनके लिए अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने का भी दिन है।जिला मंत्री विवेक सैनी ने कहा कि वर्षों से निष्ठापूर्वक कार्य कर रहे शिक्षकों को पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। अब टीईटी की अनिवार्यता लागू कर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाना चिंता का विषय है। संघ के पदाधिकारी और शिक्षकों ने सरकार से शिक्षकों की समस्याओं का तत्काल निराकरण कराए जाने की मांग की। संगठन के शिक्षक और शिक्षिकाएं विरोध में शामिल हुए।
Roorkee
रोरकी में शिक्षक दिवस पर काली पट्टी पहनकर विरोध, टीईटी अनिवार्यता और पदोन्नति पर चिंता
सेवारत शिक्षकों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता और पदोन्नति न मिलने के मुद्दे पर शिक्षक दिवस के मौके पर विरोध-कार्यक्रम आयोजित किया गया। वितरित संदेश में शासन से जल्द समाधान की मांग की गई।








