रुड़की की सिविल लाइंस कोतवाली में 8 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर बुधवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के सामने हुई बहस इतनी बढ़ी कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति संभाली।
डिफेंस कॉलोनी निवासी संजीव कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने करीब 3 साल पहले रुड़की निवासी अपने रिश्तेदार को 8 लाख रुपये उधार दिए थे। शिकायत के मुताबिक, रकम जल्द लौटाने की बात कही गई थी।
संजीव कुमार का आरोप है कि कई बार पैसे मांगने के बावजूद उन्हें अलग-अलग वजहों से टाल दिया गया। अब रकम वापस करने से इनकार किया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष को भी पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया।
पूछताछ के दौरान बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, कोतवाली में दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही थी। इसी दौरान उनके बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ गए और वहां शोर-शराबा होने लगा।
हंगामा बढ़ने पर कोतवाल ने दोनों पक्षों को फटकार लगाई। पुलिस ने उन्हें शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। अभी मामले में किसी पक्ष की गिरफ्तारी या रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
पुलिस ने कहा कि यदि दोनों पक्ष आपसी स्तर पर विवाद नहीं सुलझाते हैं, तो शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
मामला रिश्तेदारों के बीच 8 लाख रुपये के कथित लेनदेन से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया है और आपसी समाधान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. विवाद किस रकम को लेकर है?
शिकायत के अनुसार, विवाद 8 लाख रुपये वापस नहीं मिलने को लेकर है।
Q. शिकायत किसने दी है?
डिफेंस कॉलोनी निवासी संजीव कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है।
Q. पैसे किसे दिए गए थे?
शिकायत के मुताबिक, रकम रुड़की निवासी संजीव कुमार के रिश्तेदार को दी गई थी।
Q. घटना कहां हुई?
विवाद रुड़की की सिविल लाइंस कोतवाली में हुआ।
Q. कोतवाली में दोनों पक्ष क्यों पहुंचे थे?
संजीव कुमार ने रकम वापस नहीं मिलने की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष को भी पूछताछ के लिए बुलाया।
Q. पुलिस के सामने क्या हुआ?
पूछताछ के दौरान दोनों पक्षों में बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
Q. पुलिस ने फिलहाल क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और आपसी समाधान नहीं होने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की चेतावनी दी।








