ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्लांट से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। उनका दावा है कि बदबू से परेशान कुछ किरायेदारों ने मकान खाली करना शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, इस स्थिति से उन्हें मानसिक परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वे अपनी समस्या के समाधान और अपने हक की मांग को लेकर करीब 2 महीने से धरने पर बैठे हैं।

एफआईआर दर्ज होने पर ग्रामीणों में नाराजगी

प्रदर्शनकारियों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उनकी शिकायत सुनने और समाधान निकालने के बजाय पुलिस कार्रवाई के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी परेशानी जानने के लिए अब तक संबंधित मंत्री या कोई जनप्रतिनिधि धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लंबे समय से चल रहे धरने के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की गई।

जनप्रतिनिधियों पर लगाए आरोप

स्थानीय जनप्रतिनिधि सत्य कपरूवाण ने कहा कि ग्रामीण 2 महीने से धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा। उनके अनुसार, जब ग्रामीणों ने अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन किया तो उलटे उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई।

कपरूवाण ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने की कोशिश का जवाब जनता समय आने पर देगी। यह बयान उन्होंने ग्रामीणों पर हुई पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों की अनदेखी के संदर्भ में दिया।

समर्थन को लेकर भी उठे सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता पुखराज सिंह ने आंदोलन के दौरान कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कूड़ा प्लांट पर तालाबंदी के समय कुछ लोगों ने ग्रामीणों को समर्थन देने की बात कही, लेकिन विधायक कैंप कार्यालय के घेराव के वक्त वे पीछे हट गए।

पुखराज सिंह के मुताबिक, ऐसे लोगों का समर्थन केवल बयानबाजी तक सीमित रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए ग्रामीणों का साथ देने का भरोसा दिलाया और निर्णायक समय पर उन्हें अकेला छोड़ दिया। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।

निष्कर्ष

कूड़ा निस्तारण प्लांट की दुर्गंध, मकान खाली होने के दावे और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज प्राथमिकी को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण समाधान की मांग पर धरना दे रहे हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उनकी आवाज अनदेखी करने के आरोप लगाए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ग्रामीण किस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?

ग्रामीण कूड़ा निस्तारण प्लांट से उठने वाली दुर्गंध और उससे होने वाली परेशानी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

Q. ग्रामीण कितने समय से धरने पर बैठे हैं?

ग्रामीणों के अनुसार, उनका धरना 2 महीने से चल रहा है।

Q. ग्रामीणों ने मकान खाली होने को लेकर क्या कहा?

उन्होंने दावा किया कि दुर्गंध से परेशान होकर कुछ किरायेदारों ने मकान खाली करना शुरू कर दिया है।

Q. प्रदर्शनकारियों की नाराजगी का तत्काल कारण क्या है?

प्रदर्शनकारियों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है।

Q. सत्य कपरूवाण ने क्या कहा?

सत्य कपरूवाण ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों की मांगों की अनदेखी हुई और प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

Q. पुखराज सिंह ने किस पर सवाल उठाए?

पुखराज सिंह ने आंदोलन के दौरान समर्थन का भरोसा देकर निर्णायक समय पर पीछे हटने वाले लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए।