अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग को लेकर राजघाट पर मौन अनशन पर बैठे। इस दौरान उनकी मां के साथ कथित तौर पर घसीटे जाने की घटना हुई, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं।
कुमाऊं जागरण की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की ओर से की गई। बेटी को खो चुकी मां न्याय की मांग कर रही थीं और उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था।
पोस्ट में उठाए गए सवाल
पोस्ट में पूछा गया है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता को सुनने के लिए कितने विरोध प्रदर्शन, धरने और अपील करनी होंगी। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर एक मां की न्याय की गुहार के साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो आम लोगों के लिए उम्मीद क्या बचती है।
पोस्ट के साथ #JusticeForAnkitaBhandari हैशटैग का इस्तेमाल किया गया है। घटना के बाद पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई अलग बयान, कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी अभी नहीं है।
निष्कर्ष
उपलब्ध पोस्ट के मुताबिक, अंकिता भंडारी के माता-पिता राजघाट पर मौन अनशन के दौरान न्याय की मांग कर रहे थे। पोस्ट में उनकी मां को घसीटे जाने के बाद बेहोश होने का दावा किया गया है, जबकि घटना पर कोई अलग आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अंकिता भंडारी के माता-पिता कहां मौन अनशन पर बैठे थे?
राजघाट पर।
Q. वे किस मांग को लेकर अनशन कर रहे थे?
वे अपनी बेटी अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग कर रहे थे।
Q. अंकिता भंडारी की मां के साथ क्या होने का दावा किया गया है?
पोस्ट के मुताबिक, उन्हें दिल्ली पुलिस की ओर से घसीटे जाने के बाद वह बेहोश हो गईं।
Q. घटना का स्रोत क्या है?
यह जानकारी कुमाऊं जागरण की सोशल मीडिया पोस्ट से मिली है।
Q. क्या पुलिस या प्रशासन का आधिकारिक बयान उपलब्ध है?
उपलब्ध सामग्री में पुलिस या प्रशासन की कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं है।













