प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 139वें एपिसोड में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां लोगों ने मिलकर हेवल नदी को फिर जीवित करने का काम शुरू किया है। प्रधानमंत्री ने इस सामूहिक प्रयास को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की मिसाल बताया।
प्रधानमंत्री के आधिकारिक YouTube स्रोत के अनुसार, उन्होंने प्रकृति के सम्मान की भारत की पुरानी परंपरा पर बात की। उनके मुताबिक पूर्वजों ने आसपास की सफाई रखने और जलस्रोतों की देखभाल करने को अपनी जिम्मेदारी माना था।
हेवल नदी का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि यही जिम्मेदारी उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी दिखाई देती है। उनके अनुसार, यहां लोग एकजुट होकर टिहरी की हेवल नदी को फिर से जीवित करने में जुटे हैं।
मन की बात में हेवल नदी का जिक्र टिहरी गढ़वाल के स्थानीय सामूहिक प्रयास के संदर्भ में किया गया। इस पहल में शामिल लोगों की संख्या, काम की शुरुआत की तारीख या नदी की मौजूदा स्थिति का विस्तृत ब्योरा की जानकारी अभी नहीं है।
स्वच्छता और जलस्रोतों की जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में साफ-सफाई और जलस्रोतों की देखभाल को केवल किसी संस्था का काम नहीं बताया। उन्होंने इसे लोगों की साझा जिम्मेदारी से जोड़ा।
इस संदेश का स्थानीय संदर्भ टिहरी गढ़वाल है, जहां लोगों के मिलकर हेवल नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयास का उल्लेख हुआ। इससे नदी और आसपास के पर्यावरण की देखभाल में सामुदायिक भागीदारी का महत्व सामने आता है।
निष्कर्ष
मन की बात के 139वें एपिसोड में पीएम मोदी ने टिहरी गढ़वाल की हेवल नदी को फिर जीवित करने के लिए एकजुट हुए लोगों की सराहना की। उन्होंने स्वच्छता और जलस्रोतों की देखभाल को समाज की साझा जिम्मेदारी बताया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पीएम मोदी ने किस नदी का जिक्र किया?
उन्होंने टिहरी गढ़वाल की हेवल नदी का जिक्र किया।
Q. हेवल नदी को लेकर क्या प्रयास किया जा रहा है?
टिहरी गढ़वाल में लोग मिलकर हेवल नदी को फिर जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं।
Q. यह बात किस कार्यक्रम में कही गई?
यह बात मन की बात के 139वें एपिसोड में कही गई।
Q. पीएम मोदी ने प्रकृति के बारे में क्या कहा?
उन्होंने प्रकृति के सम्मान की भारत की पुरानी परंपरा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का उल्लेख किया।
Q. जलस्रोतों को लेकर प्रधानमंत्री का क्या संदेश था?
उन्होंने जलस्रोतों की देखभाल और आसपास की सफाई को अपनी जिम्मेदारी मानने की बात कही।












