चंडाक, पिथौरागढ़ स्थित बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान कॉलेज परिसर का स्थलीय निरीक्षण हुआ और छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनके अनुभव और सुझाव जाने गए।
अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही काम में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू
बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पिथौरागढ़ में चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।
कॉलेज के निर्माण से सीमांत जनपद पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
मेडिकल कॉलेज शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे सीमांत क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा, दोनों को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री @AjayTamtaBJP, विधायक @Bishan_didihat और विधायक @FakirTamta भी मौजूद रहे। सरकार ने दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों तक सुलभ, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम करने की बात कही है।
निष्कर्ष
पिथौरागढ़ के चंडाक में मेडिकल कॉलेज का निर्माण आगे बढ़ रहा है और इसी सत्र से 50 सीटों पर प्रवेश शुरू हो चुका है। अधिकारियों को शेष निर्माण कार्य तय समयसीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज कहां स्थित है?
यह मेडिकल कॉलेज चंडाक, पिथौरागढ़ में स्थित है।
Q. मेडिकल कॉलेज में कितनी सीटों पर प्रवेश शुरू हुआ है?
कॉलेज में इसी सत्र से 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है।
Q. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए?
उन्हें सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
Q. कॉलेज से किन क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है?
इससे सीमांत जनपद पिथौरागढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होने की उम्मीद है।
Q. मेडिकल कॉलेज से युवाओं को क्या अवसर मिलेगा?
क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।













