कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि BJP को पहले उत्तराखंड के ‘शुद्धिकरण’ मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए।
पवन खेड़ा ने कहा कि खरगे की टिप्पणी में इस्तेमाल ‘मोदी का बाप’ शब्द का अर्थ प्रधानमंत्री के जैविक पिता से नहीं है। उनके मुताबिक, इसका मतलब वैचारिक पिता या वह मूल संगठन है, जिससे विचारधारा जुड़ी है।
खेड़ा ने इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यहां ‘बाप’ से आशय RSS से है और वह भी जाएगा। यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की टिप्पणी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आया है।
पवन खेड़ा ने क्या कहा
पवन खेड़ा ने BJP से उत्तराखंड के ‘शुद्धिकरण’ मुद्दे पर पहले माफी मांगने की मांग की। इसके बाद उन्होंने खरगे की टिप्पणी का अर्थ समझाते हुए कहा कि इसमें जैविक पिता की बात नहीं की गई थी।
कांग्रेस नेता ने ‘मोदी का बाप’ को वैचारिक संदर्भ में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इसका आशय वैचारिक पिता और मूल संगठन से है, जिसे उन्होंने RSS बताया।
मौजूदा बयान में उत्तराखंड के ‘शुद्धिकरण’ मुद्दे से जुड़े किसी विशेष घटनाक्रम, तारीख या कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है। इसी तरह, BJP की ओर से इस बयान पर अलग प्रतिक्रिया का विवरण भी उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
कांग्रेस और BJP के बीच यह विवाद खरगे की टिप्पणी और उसके अर्थ को लेकर है। पवन खेड़ा का कहना है कि टिप्पणी को जैविक रिश्ते के रूप में नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसका संदर्भ वैचारिक संगठन से है।
निष्कर्ष
पवन खेड़ा ने खरगे की टिप्पणी का बचाव करते हुए ‘मोदी का बाप’ का अर्थ RSS को वैचारिक पिता या मूल संगठन के रूप में बताया। उन्होंने BJP से उत्तराखंड के ‘शुद्धिकरण’ मुद्दे पर पहले माफी मांगने को कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पवन खेड़ा ने किस टिप्पणी का बचाव किया?
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी का बचाव किया।
Q. पवन खेड़ा ने BJP से क्या मांग की?
उन्होंने BJP से उत्तराखंड के ‘शुद्धिकरण’ मुद्दे पर पहले माफी मांगने को कहा।
Q. ‘मोदी का बाप’ से पवन खेड़ा का क्या मतलब था?
उन्होंने कहा कि इसका अर्थ प्रधानमंत्री के जैविक पिता से नहीं, बल्कि वैचारिक पिता या मूल संगठन से है।
Q. पवन खेड़ा ने किस संगठन का उल्लेख किया?
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS का उल्लेख किया।
Q. यह विवाद किस वजह से है?
यह विवाद मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी और उसके अर्थ को लेकर है।













