पौड़ी गढ़वाल के वजली गांव में मंगलवार शाम गुलदार ने घर के आंगन में खेल रही 4 साल की आरुषि पर हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को घसीटकर झाड़ियों की ओर ले गया। तलाश के बाद उसका शव घर से करीब 100 मीटर दूर बरामद हुआ। यह गांव जिला मुख्यालय पौड़ी से लगभग 8 किलोमीटर दूर है।

घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। लोगों ने वन मंत्री सुबोध उनियाल को मौके पर बुलाने और गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लगातार हमले हो रहे हैं और केवल घटना के बाद आश्वासन देने से समस्या हल नहीं होगी।

बच्ची के भाई ने अपनी आंखों से देखा हमला

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 6 बजे आरुषि घर के आंगन में खेल रही थी। उसका 7 साल का भाई आर्यन भी वहीं मौजूद था। उसने गुलदार को अपनी बहन पर हमला करते और उसे उठाकर ले जाते देखा। परिवार के लोगों के शोर मचाने के बाद आसपास के ग्रामीण पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू की।

ग्रामीणों के मुताबिक, गुलदार मंगलवार दोपहर से गांव के आसपास घूम रहा था। कुछ लोगों ने उसे दिन में गांव में देखा भी था। आरुषि पर हमले के दौरान गुलदार ने एक दूसरी बच्ची पर झपटने की कोशिश भी की, लेकिन वह समय रहते घर के अंदर चली गई और शोर मचाने लगी।

घटना के बाद गांव की महिलाओं ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि अब बच्चे घर के आसपास भी सुरक्षित नहीं हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और सरकार के खिलाफ धरना देकर गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।

विधायक को ग्रामीणों ने घेरा

घटना की जानकारी मिलने पर पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी करीब रात 8 बजे पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और वन विभाग तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

पुलिस की मदद से विधायक ने ग्रामीणों से बातचीत की। वह जमीन पर बैठकर लोगों की बातें सुनने लगे। ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि वन मंत्री को फोन कर उनकी बात सीधे कराई जाए।

दबाव के बाद विधायक ने वन मंत्री सुबोध उनियाल को फोन किया। ग्रामीणों ने फोन लाउडस्पीकर पर करने को कहा, लेकिन शोर के कारण बातचीत साफ सुनाई नहीं दी और कॉल कट गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

पुलिसकर्मियों ने विधायक को उनकी कार में बैठाया, लेकिन ग्रामीणों ने वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। विधायक करीब एक घंटे तक कार के अंदर बैठे रहे। इस दौरान कुछ लोगों ने उनके सामने ‘शर्म करो’ और ‘डूब मरो’ जैसे नारे लगाए। एक बुजुर्ग महिला कार के बोनट पर चढ़ गई और उसने वाहन पर पैर भी मारे। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को संभालकर विधायक को वहां से बाहर निकाला।

विधायक के रवाना होने से पहले वन मंत्री से दोबारा फोन पर बातचीत कराई गई। मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री ने मामले में जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने क्षेत्र में गुलदार पकड़ने, गश्त बढ़ाने और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग दोहराई।

वन विभाग ने भेजा पत्र

घटना के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची। विभाग ने क्षेत्र में गश्त शुरू करने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है। डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र भेजा गया है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी गई है।

पौड़ी जिले में गुलदार के हमलों को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस साल उत्तराखंड में बाघ और गुलदार के हमलों में 30 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी अवधि में पौड़ी के कोटद्वार में गुलदार ने 7 साल की बच्ची पर हमला किया था, लेकिन वह बच गई।

निष्कर्ष

वजली गांव में गुलदार के हमले में 4 साल की आरुषि की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन मंत्री को मौके पर बुलाने और तत्काल कार्रवाई की मांग की। वन विभाग ने गश्त शुरू की है और गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए पत्र भेजा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. वजली गांव में क्या हुआ?

मंगलवार शाम गुलदार ने आंगन में खेल रही 4 साल की आरुषि पर हमला किया और उसे उठाकर ले गया। बाद में बच्ची का शव घर से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में मिला।

Q. घटना के बाद ग्रामीणों ने क्या मांग की?

ग्रामीणों ने वन मंत्री को मौके पर बुलाने, गुलदार को पकड़ने के लिए अभियान चलाने और इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की।

Q. विधायक राजकुमार पोरी के साथ क्या हुआ?

ग्रामीणों ने विधायक को घेर लिया और उनकी कार को करीब एक घंटे तक घेरे रखा। पुलिसकर्मियों ने बाद में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

Q. वन मंत्री सुबोध उनियाल से क्या बातचीत हुई?

ग्रामीणों के दबाव पर विधायक ने मंत्री को फोन किया। बाद में दोबारा बातचीत कराई गई और मंत्री ने जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।

Q. वन विभाग ने क्या कदम उठाया है?

वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त शुरू करने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है। डीएफओ ने गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए पत्र भेजा है।

Q. क्या इससे पहले भी किसी बच्ची पर हमला हुआ था?

पौड़ी के कोटद्वार में 7 साल की बच्ची पर गुलदार ने हमला किया था। वह बच्ची बच गई थी।