उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने GSLV-F18 के माध्यम से NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण पर ISRO के वैज्ञानिकों और पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने वैज्ञानिकों और मिशन से जुड़ी पूरी टीम के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
धामी ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक और वैज्ञानिक क्षमता को नई मजबूती देती है। उनके अनुसार, मिशन आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी मजबूत करता है।
NavIC प्रणाली के लिए अहम मिशन
मुख्यमंत्री ने NVS-03 के प्रक्षेपण को NavIC प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। NavIC भारत की नेविगेशन प्रणाली है और इस मिशन को इसके विस्तार से जोड़कर देखा गया है।
उन्होंने ISRO के सभी वैज्ञानिकों और पूरी टीम को इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी। उनके संदेश में मिशन की सफलता को देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।
निष्कर्ष
GSLV-F18 के जरिए NVS-03 का सफल प्रक्षेपण हुआ है। पुष्कर धामी ने इसे भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक, वैज्ञानिक क्षमता, आत्मनिर्भरता और NavIC प्रणाली के लिए अहम उपलब्धि बताया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. NVS-03 क्या है?
NVS-03 एक नेविगेशन सैटेलाइट है।
Q. NVS-03 का प्रक्षेपण किस माध्यम से हुआ?
NVS-03 का सफल प्रक्षेपण GSLV-F18 के माध्यम से हुआ।
Q. इस प्रक्षेपण पर किसने बधाई दी?
पुष्कर धामी ने ISRO के वैज्ञानिकों और पूरी टीम को बधाई दी।
Q. मिशन को महत्वपूर्ण क्यों बताया गया है?
इसे भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक, वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
Q. इस मिशन का NavIC से क्या संबंध है?
यह मिशन NavIC प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।













