नैनीताल के चौपड़ा गांव की चंद्रा जीना ने मशरूम की खेती को अपनी आमदनी का जरिया बनाया है। कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने गांव में ही मशरूम उत्पादन की यूनिट शुरू की। अब वह मशरूम की बिक्री के साथ अचार का कारोबार भी कर रही हैं।
चंद्रा जीना के अनुसार, इस काम से उन्हें हर महीने करीब 12 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है। उत्पादन बढ़ने के साथ बाजार में उनके उत्पादों की मांग भी बढ़ी है। इससे उन्होंने गांव में रहकर स्वरोजगार का रास्ता तैयार किया है।
महिला समूह से जुड़कर शुरू किया स्वरोजगार
चंद्रा जीना वर्ष 2016 में किरण महिला समूह से जुड़ी थीं। वर्तमान में वह इस समूह की कोषाध्यक्ष हैं। समूह में 13 महिलाएं शामिल हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया।
उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया और इसके बाद गांव में ही इसकी खेती शुरू कर दी। धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ा तो बाजार में मशरूम और दूसरे उत्पादों की मांग भी बढ़ने लगी।
चंद्रा जीना का काम पहाड़ की महिलाओं के लिए स्वरोजगार की एक मिसाल बन रहा है। वह खेतीबाड़ी और घरेलू कामकाज के साथ आय बढ़ाने वाली गतिविधियों से जुड़कर अपनी आर्थिक भूमिका मजबूत कर रही हैं।
निष्कर्ष
चौपड़ा गांव की चंद्रा जीना ने प्रशिक्षण लेकर मशरूम उत्पादन शुरू किया और इसे अचार कारोबार से जोड़ा। इससे उन्हें हर महीने करीब 12 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चंद्रा जीना कहां की रहने वाली हैं?
चंद्रा जीना नैनीताल के चौपड़ा गांव की रहने वाली हैं।
Q. उन्होंने मशरूम की खेती का प्रशिक्षण कहां से लिया?
उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया।
Q. मशरूम की खेती से उन्हें कितनी आमदनी हो रही है?
उन्हें हर महीने करीब 12 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है।
Q. चंद्रा जीना मशरूम के अलावा क्या कारोबार करती हैं?
वह मशरूम की बिक्री के साथ अचार का कारोबार भी करती हैं।
Q. चंद्रा जीना किस महिला समूह से जुड़ी हैं?
वह किरण महिला समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में इसकी कोषाध्यक्ष हैं।
Q. किरण महिला समूह में कितनी महिलाएं हैं?
किरण महिला समूह में 13 महिलाएं शामिल हैं।
Q. चंद्रा जीना इस समूह से कब जुड़ी थीं?
वह वर्ष 2016 में किरण महिला समूह से जुड़ी थीं।












