देहरादून के मोहब्बेवाला गेट पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सड़क की इंजीनियरिंग संबंधी तकनीकी जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को हादसों के कारणों की विस्तृत पड़ताल के साथ तुरंत सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं।

रविवार को हुए गंभीर हादसे के बाद सोमवार दोपहर डीएम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क परिवहन से जुड़े विभागों की भूमिका और मौके की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

किन पहलुओं की होगी जांच

एनएचएआई, आरटीओ और पुलिस अधिकारियों को दुर्घटनाओं के पीछे मौजूद कारणों की तकनीकी समीक्षा करने को कहा गया है। जांच में सड़क इंजीनियरिंग की संभावित कमियां, दुर्घटना संभावित स्थान, वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन को शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों को इन सभी बिंदुओं के आधार पर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश मिले हैं। इसका उद्देश्य मोहब्बेवाला गेट पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना और वाहन चालकों को पहले से सावधान करना है।

तुरंत किए जाने वाले सुरक्षा उपाय

डीएम ने खतरे वाले हिस्से में बड़े चेतावनी बोर्ड लगाने को कहा है। इन बोर्डों से चालकों को संवेदनशील क्षेत्र की जानकारी पहले मिल सकेगी और वे अधिक सतर्क होकर वाहन चला सकेंगे।

भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए रंबल स्ट्रिप ब्रेकर लगाने का निर्देश भी दिया गया है। यह कदम सड़क पर वाहनों की गति कम कराने से जुड़ा है।

डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाएं रोकने के लिए बनाई जाने वाली योजना केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा से जुड़े निर्देशों को तुरंत जमीन पर लागू करने पर जोर दिया।

निष्कर्ष

मोहब्बेवाला गेट पर हादसों के कारणों की तकनीकी जांच के साथ सड़क सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। प्रशासन ने संबंधित विभागों को जांच, योजना और मौके पर कार्रवाई आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मोहब्बेवाला गेट पर क्या आदेश दिया गया है?

सड़क की इंजीनियरिंग संबंधी तकनीकी जांच कराने का आदेश दिया गया है। दुर्घटनाओं के कारणों का भी विस्तृत विश्लेषण होगा।

Q. घटनास्थल का निरीक्षण किसने किया?

डीएम डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने सोमवार दोपहर अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया।

Q. जांच में किन कारणों को देखा जाएगा?

सड़क की संभावित इंजीनियरिंग कमियों, दुर्घटना संभावित स्थानों, तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन की समीक्षा होगी।

Q. वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

खतरे वाले हिस्से में बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए रंबल स्ट्रिप ब्रेकर भी लगाए जाएंगे।

Q. जांच और सुरक्षा योजना की जिम्मेदारी किन विभागों को दी गई है?

एनएचएआई, आरटीओ और पुलिस अधिकारियों को दुर्घटनाओं के कारणों की जांच और कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।