माँ नन्दा की डोली अपने ननिहाल देवराड़ा पहुंच गई। इस आगमन से देवराड़ा में भावुक माहौल बना। आस्था से जुड़े इस पड़ाव के दौरान चमोली पुलिस सुरक्षा और सेवा व्यवस्था में लगातार जुटी रही।
पुलिस की भूमिका को सराहना
चमोली पुलिस ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों से लेकर यात्रा के अंतिम पड़ाव तक अपनी जिम्मेदारी निभाई। पुलिस की मौजूदगी ने डोली की यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने में भूमिका निभाई।
डोली के देवराड़ा पहुंचने के बाद मंदिर समिति और व्यापार संघ ने चमोली पुलिस के काम और समर्पण को सम्मान दिया। यह सम्मान यात्रा के दौरान पुलिस की सेवाओं के लिए दिया गया।
देवराड़ा में भावुक माहौल
माँ नन्दा की डोली के ननिहाल पहुंचने का अवसर श्रद्धा और भावनाओं से जुड़ा रहा। देवराड़ा में डोली के आगमन को लेकर लोगों में विशेष भावुकता दिखाई दी।
Q. माँ नन्दा की डोली कहां पहुंची?
माँ नन्दा की डोली अपने ननिहाल देवराड़ा पहुंची।
Q. डोली की यात्रा के दौरान किसने सुरक्षा संभाली?
चमोली पुलिस ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों से अंतिम पड़ाव तक सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
Q. चमोली पुलिस को किसने सम्मानित किया?
मंदिर समिति और व्यापार संघ ने चमोली पुलिस को सम्मानित किया।
Q. पुलिस को सम्मान क्यों मिला?
पुलिस ने यात्रा के दौरान सुरक्षा के साथ सेवा में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
Q. डोली के पहुंचने पर माहौल कैसा रहा?
डोली के देवराड़ा पहुंचने पर भावुक माहौल रहा।
निष्कर्ष
माँ नन्दा की डोली के देवराड़ा पहुंचने के साथ यात्रा का यह महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हुआ। इस दौरान चमोली पुलिस की सुरक्षा और सेवा को स्थानीय मंदिर समिति व व्यापार संघ ने सम्मान दिया।










