पौड़ी गढ़वाल जिले के बचेेली-खंडाह में बुधवार देर रात वन विभाग ने एक तेंदुए को पिंजरे में पकड़ लिया। यह कार्रवाई तरूली गांव में 9 अक्टूबर को तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत के कुछ हफ्तों बाद हुई है।
महिला की मौत के बाद वन विभाग इलाके में नियमित गश्त कर रहा था। इसी दौरान तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था। अब पकड़े गए जानवर की पहचान और उसकी भूमिका की जांच की जाएगी।
डीएनए जांच के बाद होगी पुष्टि
वन विभाग के अनुसार, अभी यह तय नहीं है कि पिंजरे में पकड़ा गया तेंदुआ ही तरूली गांव में हुए हमले के लिए जिम्मेदार था। इसकी पुष्टि डीएनए जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए तेंदुए के पकड़े जाने को हमले का अंतिम समाधान नहीं माना जा सकता।
डीएनए जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पकड़े गए जानवर का संबंध उस हमले से था या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में जांच के नतीजे सामने नहीं आए हैं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सरकार का फैसला
उत्तराखंड सरकार ने 25 सितंबर को मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा के रूप में मान्यता देने का फैसला किया था। इसके साथ ही ऐसे मामलों को संभालने और कम करने के लिए जिला स्तर पर समितियां बनाने की बात कही गई थी।
राज्यपाल ने प्रभावित परिवारों को समय पर राहत देने और बचाव के प्रभावी उपाय करने पर भी जोर दिया था। तरूली गांव की घटना और बचेेली-खंडाह में तेंदुए के पकड़े जाने के बाद इन उपायों को जमीन पर लागू करना अहम है।
इलाके में वन विभाग की गश्त जारी रही और कार्रवाई के बाद एक तेंदुआ पिंजरे में पकड़ा गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिहाज से आगे की स्थिति डीएनए जांच और विभागीय कार्रवाई के नतीजों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
बचेेली-खंडाह में तेंदुआ पकड़ा जाना वन विभाग की कार्रवाई का महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन तरूली गांव के हमले से उसका संबंध अभी साबित नहीं हुआ है। इसकी पुष्टि डीएनए जांच के बाद होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. तेंदुआ कहां पकड़ा गया?
बुधवार देर रात पौड़ी गढ़वाल जिले के बचेेली-खंडाह में तेंदुआ पिंजरे में पकड़ा गया।
Q. तेंदुआ किस घटना के बाद पकड़ा गया?
यह कार्रवाई 9 अक्टूबर को तरूली गांव में तेंदुए के हमले में महिला की मौत के कुछ हफ्तों बाद हुई।
Q. क्या पकड़ा गया तेंदुआ हमले के लिए जिम्मेदार था?
अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसकी जानकारी डीएनए जांच के बाद मिलेगी।
Q. घटना के बाद वन विभाग ने क्या किया?
वन विभाग इलाके में नियमित गश्त कर रहा था और तेंदुए को पकड़ने के लिए कार्रवाई की गई।
Q. मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर सरकार ने क्या फैसला किया?
उत्तराखंड सरकार ने 25 सितंबर को मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा के रूप में मान्यता देने का फैसला किया था।












