चंपावत के बाराकोट क्षेत्र के डोबाभागू में गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा तीसरे दिन भी खाली रहा। वन विभाग के अनुसार, गुलदार पिंजरे के पास पहुंचा था, लेकिन उसमें फंसा नहीं। इससे क्षेत्र में उसकी मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।
शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने डोबाभागू क्षेत्र का निरीक्षण किया। काली कुमाऊं के रेंजर नंदकिशोर पंत ने बताया कि पिंजरे के आसपास गुलदार के पैरों के निशान मिले हैं। इन निशानों से क्षेत्र में गुलदार की गतिविधि का पता चला है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ग्रामीणों को गुलदार की मौजूदगी को लेकर जागरूक कर रहा है। लोगों से सतर्कता बरतने और सुनसान रास्तों पर अकेले नहीं जाने की अपील की जा रही है।
विभाग की टीम क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल लगाया गया पिंजरा गुलदार को पकड़ने में सफल नहीं हुआ है।
निष्कर्ष
डोबाभागू में गुलदार पिंजरे के पास पहुंचने के बावजूद पकड़ा नहीं जा सका। पैरों के निशान मिलने के बाद वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है और अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचने की अपील कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा कहां लगाया गया है?
डोबाभागू क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है।
Q. क्या गुलदार पिंजरे में फंस गया?
नहीं, गुलदार पिंजरे के पास पहुंचा, लेकिन उसमें नहीं फंसा।
Q. पिंजरा कितने दिन बाद भी खाली रहा?
पिंजरा तीसरे दिन भी खाली रहा।
Q. वन विभाग को क्या मिला है?
वन विभाग की टीम को पिंजरे के आसपास गुलदार के पैरों के निशान मिले हैं।
Q. वन विभाग ने ग्रामीणों से क्या अपील की है?
ग्रामीणों से सतर्क रहने और सुनसान रास्तों पर अकेले नहीं जाने की अपील की गई है।









