पिथौरागढ़ के मूनाकोट ब्लॉक के बीसाबजेड़ क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों से ग्रामीणों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दिनों गुलदार ने कई बकरियों पर हमला किया। इस घटना के बाद गांव में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी सूरज चंद ने सोमवार को बताया कि गुलदार के हमलों से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी हो रही है। लोग चारा काटने के लिए बाहर जाने और मवेशियों को जंगल में चराने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, जंगल से जुड़े कामों के दौरान गुलदार का डर बना रहता है। बकरियों पर हुए हमलों के बाद लोगों को अपने मवेशियों की सुरक्षा की भी चिंता सता रही है।
वन विभाग से कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से गुलदार के आतंक से राहत दिलाने की अपील की है। ग्रामीण चाहते हैं कि विभाग इस समस्या का समाधान करे, ताकि वे चारा जुटाने और मवेशियों को जंगल ले जाने का काम बिना डर कर सकें।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में वन विभाग की ओर से उठाए गए किसी कदम का विवरण नहीं है। ग्रामीणों की मांग गुलदार से बने खतरे को दूर करने और क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने को लेकर है।
निष्कर्ष
बीसाबजेड़ में बकरियों पर हमलों के बाद ग्रामीणों की जंगल से जुड़े कामों को लेकर चिंता बढ़ी है। उन्होंने वन विभाग से समस्या के समाधान की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गुलदार की दहशत किस इलाके में है?
बीसाबजेड़ क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों से ग्रामीण परेशान हैं। यह इलाका पिथौरागढ़ के मूनाकोट ब्लॉक में आता है।
Q. गुलदार ने क्या किया है?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले दिनों गुलदार ने कई बकरियों पर हमला किया।
Q. हमलों के बाद ग्रामीणों पर क्या असर पड़ा?
लोग चारा काटने और मवेशियों को जंगल में चराने जाने से डर रहे हैं।
Q. इस मामले में ग्रामीणों ने क्या मांग रखी है?
ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार के आतंक से राहत दिलाने और समस्या का समाधान करने की मांग की है।
Q. घटना की जानकारी किसने दी?
स्थानीय निवासी सूरज चंद ने सोमवार को क्षेत्र की स्थिति के बारे में बताया।









