कोटद्वार में दुगड्डा-नैनीडांडा मार्ग पर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले स्कूटी सवार नरेंद्र सिंह रावत के परिजनों को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से राहत मिली है। अधिकरण ने बीमा कंपनी को 20.21 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस रकम पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

अपर जिला जज एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी रजनी शुक्ला ने मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने बीमा कंपनी को मुआवजा राशि एक माह के भीतर जमा कराने का निर्देश दिया है।

16 दिसंबर 2023 को हुआ था हादसा

16 दिसंबर 2023 को नरेंद्र सिंह रावत स्कूटी से अपने गांव जा रहे थे। दुगड्डा-नैनीडांडा मार्ग पर ग्राम बांसी, गोलीखेत के पास सामने से आ रहे डंपर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर चोट लगने के कारण नरेंद्र सिंह रावत की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हादसे के बाद मृतक की पत्नी पिंकी रावत और अन्य परिजनों ने मुआवजे के लिए न्यायालय में याचिका दायर की। याचिका में नरेंद्र सिंह रावत की मासिक आय करीब 90 हजार रुपये बताई गई थी। परिजनों ने 50.20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी।

डंपर चालक की लापरवाही जिम्मेदार मानी गई

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने हादसे के लिए डंपर चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना। इसी आधार पर अधिकरण ने परिजनों के पक्ष में मुआवजा तय किया और भुगतान की समयसीमा भी निर्धारित की।

अदालत के आदेश के अनुसार, 20.21 लाख रुपये की मुआवजा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होगा। बीमा कंपनी को यह रकम एक माह के भीतर जमा करनी होगी।

निष्कर्ष

दुगड्डा-नैनीडांडा मार्ग पर हुए हादसे में नरेंद्र सिंह रावत की मौत के मामले में अधिकरण ने परिजनों को 20.21 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा और भुगतान एक माह के भीतर करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मुआवजा किसे दिया जाएगा?

मुआवजा हादसे में जान गंवाने वाले नरेंद्र सिंह रावत के परिजनों को दिया जाएगा। उनकी पत्नी पिंकी रावत और अन्य परिजनों ने न्यायालय में याचिका दायर की थी।

Q. अधिकरण ने कितनी राशि देने का आदेश दिया है?

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 20.21 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

Q. मुआवजा राशि पर कितना ब्याज मिलेगा?

मुआवजा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का निर्देश दिया गया है।

Q. बीमा कंपनी को भुगतान कब तक करना होगा?

अदालत ने बीमा कंपनी को रकम एक माह के भीतर जमा कराने का निर्देश दिया है।

Q. हादसा कब और कहां हुआ था?

हादसा 16 दिसंबर 2023 को दुगड्डा-नैनीडांडा मार्ग पर ग्राम बांसी, गोलीखेत के पास हुआ था।