खटीमा में महिलाओं के लिए बनाया गया पिंक शौचालय शुरू होने के बाद भी उपयोग में नहीं आ पाया। मार्च 2025 में तत्कालीन एसडीएम ने इसका उद्घाटन किया था। इसके बाद से भवन बंद है और महिलाओं को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।

यह शौचालय पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी भवन के सामने बनाया गया है। जमीन उपलब्ध होने के बाद करीब डेढ़ साल पहले निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण पूरा होने पर इसे महिलाओं के लिए सार्वजनिक सुविधा के तौर पर तैयार किया गया।

सीएसआर फंड से हुआ निर्माण

शौचालय बनाने में सीएसआर फंड से करीब 7.50 लाख रुपये खर्च हुए। निर्माण पूरा होने के बाद पानी का कनेक्शन भी करीब सवा साल पहले जोड़ दिया गया था। इसके बावजूद केंद्र को नियमित रूप से चालू नहीं किया जा सका।

शौचालय चलाने की जिम्मेदारी नगरपालिका की है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इसे बनाया गया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं होने से इसकी उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।

संचालन में देरी की वजह

नगरपालिका की ओर से अलग-अलग समय पर संचालन में रुकावट की वजह बताई गई है। इनमें कर्मचारियों की कमी, पानी का संकट और अन्य व्यवस्थागत समस्याएं शामिल हैं। उद्घाटन के बाद लंबा समय बीतने के बावजूद इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी प्रियंका आर्य ने बताया कि पिंक शौचालय के लिए स्टाफ उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। उनके अनुसार, केंद्र का संचालन जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

निष्कर्ष

खटीमा का यह पिंक शौचालय निर्माण और उद्घाटन के बाद भी महिलाओं के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं है। अब नगरपालिका के सामने स्टाफ और दूसरी व्यवस्थाएं पूरी कर इसे चालू करने की चुनौती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. खटीमा का पिंक शौचालय कब शुरू किया गया था?

मार्च 2025 में तत्कालीन एसडीएम ने इसका उद्घाटन किया था।

Q. पिंक शौचालय कहां बनाया गया है?

यह पुराने सीएचसी भवन के सामने बनाया गया है।

Q. इसके निर्माण में कितनी रकम लगी?

निर्माण पर सीएसआर फंड से करीब 7.50 लाख रुपये खर्च हुए।

Q. शौचालय का संचालन किसकी जिम्मेदारी है?

इसके संचालन की जिम्मेदारी नगरपालिका के पास है।

Q. शौचालय अब तक चालू क्यों नहीं हो पाया?

नगरपालिका ने स्टाफ की कमी, पानी के संकट और अन्य वजहों को संचालन में देरी का कारण बताया है।

Q. नगरपालिका ने आगे के बारे में क्या कहा है?

अधिशासी अधिकारी प्रियंका आर्य के अनुसार, संचालन जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है।