चमोली जिले में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यूकाडा का कहना है कि हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, तब मौसम साफ था। इसके बाद घाटी में अचानक मौसम बदला और करीब 15 मिनट में हेलीकॉप्टर का कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया।

हादसे के बाद खराब मौसम में हेली उड़ान की अनुमति दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को चमोली में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई थी।

अलर्ट के बावजूद उड़ान की अनुमति पर सवाल

आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, चमोली ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद देहरादून से बदरीनाथ और बदरीनाथ से देहरादून के लिए हेलीकॉप्टर उड़ान को अनुमति मिली।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह बदरीनाथ में मौसम खराब था। दोपहर में कुछ देर के लिए बादल छंटे, इसी दौरान हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। इसके कुछ देर बाद हादसा हुआ। इसी रूट पर उड़ान भरने वाला दूसरा हेलीकॉप्टर सुरक्षित देहरादून पहुंच गया।

मौसम नियमों और डीजीसीए गाइडलाइन पर चर्चा

हादसे के बाद हेली कंपनियों की ओर से मौसम संबंधी नियमों और डीजीसीए की गाइडलाइन के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक, डीजीसीए के नियम खराब मौसम में उड़ान की अनुमति नहीं देते।

हालांकि, यूकाडा का पक्ष है कि उड़ान के समय मौसम साफ था। इसलिए उपलब्ध तथ्यों में हादसे की वजह के तौर पर अचानक बदला मौसम और उसके बाद संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है। अंतिम कारण के बारे में कोई अलग आधिकारिक निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है।

शव बरामद, शनिवार को ज्योतिर्मठ लाने की तैयारी

हादसे में मारे गए लोगों के शव सेना ने बरामद कर लिए हैं। ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्र शेखर वशिष्ठ ने बताया कि कुछ शव जली अवस्था में मिले हैं, जबकि कुछ क्षत-विक्षत हैं।

एसडीएम के अनुसार, सभी शव शनिवार को ज्योतिर्मठ लाए जाएंगे। घटनास्थल वन क्षेत्र में है, इसलिए सेना, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी और प्रशासन की टीमें शवों को पैदल लेकर आएंगी।

निष्कर्ष

चमोली में ऑरेंज अलर्ट के दिन हेलीकॉप्टर उड़ान और उसके बाद हुए हादसे ने मौसम आकलन, उड़ान अनुमति और सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। यूकाडा के मुताबिक उड़ान के समय मौसम साफ था, लेकिन घाटी में अचानक बदलाव के बाद 15 मिनट में संपर्क टूट गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हेलीकॉप्टर हादसा कहां हुआ?

हादसा चमोली जिले में हुआ। घटनास्थल वन क्षेत्र में बताया गया है।

Q. हादसे से पहले मौसम कैसा था?

मौसम विभाग ने चमोली में आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं की आशंका जताई थी।

Q. यूकाडा ने मौसम को लेकर क्या कहा?

यूकाडा के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने जब उड़ान भरी, तब मौसम साफ था। बाद में घाटी में अचानक मौसम बदल गया।

Q. कंट्रोल रूम से संपर्क कब टूटा?

उड़ान भरने के करीब 15 मिनट के भीतर हेलीकॉप्टर का कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया।

Q. क्या दूसरा हेलीकॉप्टर सुरक्षित पहुंचा?

हां, इसके बाद उड़ान भरने वाला दूसरा हेलीकॉप्टर सुरक्षित देहरादून पहुंच गया।

Q. शवों को कहां लाया जाएगा?

ज्योतिर्मठ के एसडीएम के अनुसार, सभी शव शनिवार को ज्योतिर्मठ लाए जाएंगे।

Q. शव बरामद करने में कौन-कौन सी टीमें शामिल रहीं?

सेना, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी और प्रशासन की टीमें अभियान में शामिल हैं।