हल्द्वानी में 5 दशक बाद मंजूर हुई जमरानी बांध परियोजना के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्य बांध स्थल को सूखा रखने के लिए करीब एक एमसीएम क्षमता वाले कॉफर डैम का निर्माण इसी वित्तीय वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
परियोजना के उप महाप्रबंधक बीबी पांडेय के अनुसार, गौला नदी का पानी मोड़ने के लिए बनाई जा रही दोनों डायवर्जन सुरंगों में लाइनिंग का काम शुरू हो गया है। इन सुरंगों के तैयार होने के बाद मुख्य बांध स्थल पर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
कॉफर डैम की संरचना
गौला नदी पर 26 मीटर ऊंचा अपस्ट्रीम और 9 मीटर ऊंचा डाउनस्ट्रीम कॉफर डैम बनाया जा रहा है। अपस्ट्रीम कॉफर डैम की चौड़ाई 40 मीटर और लंबाई करीब 150 मीटर है।
यह अस्थायी संरचना नदी के बड़े जलक्षेत्र को जलरहित रखने के लिए तैयार की जा रही है। नदी का प्रवाह इसी व्यवस्था के जरिए दोनों सुरंगों में मोड़ा जाएगा, ताकि मुख्य बांध स्थल पर निर्माण हो सके।
मुख्य बांध बनने के बाद डाउनस्ट्रीम कॉफर डैम हटा दिया जाएगा। अपस्ट्रीम कॉफर डैम बाद में जलाशय में समा जाएगा।
दोनों सुरंगों से गुजरेगा नदी का प्रवाह
परियोजना के तहत बनाई जा रही टनल-वन की लंबाई 644 मीटर है, जबकि टनल-टू 600 मीटर लंबी है। कमजोर पहाड़ी हिस्से को रोकने के लिए सुरंगों में साइड वॉल और कंक्रीट रूफ की लाइनिंग की जा रही है। इस काम को कर्ब कास्टिंग भी कहा गया है।
आगामी मानसून में गौला नदी का पूरा बहाव इन्हीं दोनों सुरंगों से निकाला जाएगा। नदी का प्रवाह सुरंगों में पहुंचने के बाद मुख्य बांध की कंक्रीटिंग का काम तेज किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
जमरानी बांध परियोजना में कॉफर डैम और डायवर्जन सुरंगों का काम महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। सुरंगों की लाइनिंग पूरी होने के बाद आगामी मानसून में गौला का प्रवाह इन्हीं रास्तों से मोड़कर मुख्य बांध निर्माण को आगे बढ़ाने की योजना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जमरानी बांध परियोजना किस नदी से जुड़ी है?
गौरव नदी नहीं, बल्कि गौला नदी के पानी को डायवर्ट करने के लिए इस परियोजना में सुरंगें बनाई जा रही हैं।
Q. दोनों डायवर्जन सुरंगों की लंबाई कितनी है?
टनल-वन 644 मीटर और टनल-टू 600 मीटर लंबी है।
Q. अपस्ट्रीम कॉफर डैम की ऊंचाई कितनी है?
अपस्ट्रीम कॉफर डैम 26 मीटर ऊंचा है। इसकी चौड़ाई 40 मीटर और लंबाई करीब 150 मीटर है।
Q. डाउनस्ट्रीम कॉफर डैम कितना ऊंचा बनाया जा रहा है?
डाउनस्ट्रीम कॉफर डैम की ऊंचाई 9 मीटर है।
Q. कॉफर डैम का उपयोग किसलिए किया जा रहा है?
कॉफर डैम के जरिए मुख्य बांध स्थल को जलरहित रखा जाएगा, ताकि वहां निर्माण कार्य किया जा सके।
Q. आगामी मानसून में गौला नदी का पानी कहां से निकलेगा?
आगामी मानसून में नदी का पूरा बहाव दोनों डायवर्जन सुरंगों से निकाला जाएगा।









