हरिद्वार में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान नशे की हालत में स्कूल बस चलाते मिले चालक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर चलाया गया। यातायात पुलिस, सीपीयू और परिवहन विभाग की टीमों ने दोपहिया, चारपहिया, स्कूल बसों और अन्य वाहनों की जांच की। अधिकारियों ने बिना वैध दस्तावेजों, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की।
स्कूल बस में बच्चे सवार थे, दूसरी बस से भेजे गए
संयुक्त जांच के दौरान एक स्कूल बस का चालक नशे की हालत में वाहन चलाते मिला। बस में बच्चे सवार थे, इसलिए पुलिस ने वाहन को तुरंत रुकवाया और चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। बच्चों को उस बस से आगे नहीं भेजा गया।
पुलिस ने बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए उन्हें दूसरी बस से उनके गंतव्य तक भिजवाने की व्यवस्था की। इस तरह चालक के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद बच्चों का सफर प्रभावित नहीं होने दिया गया।
स्कूल बस चालक पर बच्चों को सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में नशे की हालत में वाहन चलाने की घटना को बच्चों और सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना गया।
298 चालान और 7 बसें सीज
अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के कुल 298 चालान किए गए। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाली 7 बसों को सीज कर दिया गया। टीमों ने विशेष रूप से स्कूल बसों, मॉडिफाइड वाहनों और बिना वैध दस्तावेजों के चल रहे वाहनों की जांच की।
जांच में वाहन की स्थिति, जरूरी दस्तावेज और निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन पर ध्यान दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, अनधिकृत बदलाव या मानकों के विपरीत मॉडिफिकेशन भी सड़क सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
इस कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और नियमों की अनदेखी से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है। पुलिस और परिवहन विभाग ने स्कूली वाहन संचालकों को वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेज वैध रखने की हिदायत दी।
चालकों और संचालकों को नियम मानने की हिदायत
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने स्कूल बस चालकों से नशे से दूर रहने और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। संचालकों से निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही वाहनों का संचालन करने को कहा गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों और वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही बनाए रखने के लिए नियमित जांच जरूरी बताई गई है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जांच
अभियान में पुलिस उपाधीक्षक यातायात बिपेंद्र कुमार, एआरटीओ निखिल शर्मा, एआरटीओ नेहा झा और प्रभारी निरीक्षक यातायात संदीप सिंह नेगी मौजूद रहे। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने वाहनों की जांच की और उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की।
अधिकारियों के मुताबिक, सड़क सुरक्षा और स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए संयुक्त चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।
निष्कर्ष
हरिद्वार में चलाए गए अभियान में नशे की हालत में स्कूल बस चलाने वाले चालक की गिरफ्तारी हुई। इसके साथ 7 बसें सीज और 298 चालान किए गए। पुलिस और परिवहन विभाग ने स्कूली वाहन संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हरिद्वार में स्कूल बस चालक पर क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस ने नशे की हालत में बस चलाते मिले चालक को गिरफ्तार किया और वैधानिक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया।
Q. अभियान में कितने वाहनों के चालान किए गए?
अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के 298 चालान किए गए।
Q. कितनी बसें सीज की गईं?
नियमों का उल्लंघन करने वाली 7 बसों को सीज किया गया।
Q. बस में सवार बच्चों को कैसे भेजा गया?
बच्चों को संबंधित बस में आगे सफर नहीं कराया गया। उन्हें दूसरी बस से उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की गई।
Q. अभियान में किन वाहनों की जांच हुई?
टीमों ने दोपहिया, चारपहिया, स्कूल बसों, मॉडिफाइड वाहनों और बिना वैध दस्तावेजों वाले वाहनों की जांच की।
Q. अभियान का उद्देश्य क्या था?
अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करना था।











