हरिद्वार के सर्वानंद घाट के पास मिले बिजनौर निवासी गोपाल कुमार की हत्या की जांच में पुलिस ने सोमवार को बड़ा खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, गोपाल को हरिद्वार बुलाकर गंगा घाट पर हत्या की गई थी। मामले में नरेंद्र और उसकी 36 वर्षीय पत्नी को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का कहना है कि इस वारदात में नरेंद्र के भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। ये दोनों अभी फरार हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे का चापड़ बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।

शव की पहचान कैसे हुई

17 सितंबर की सुबह कोतवाली नगर क्षेत्र में एक अज्ञात पुरुष का शव मिला था। मृतक के पास बिजनौर जाने वाली बस का टिकट था, लेकिन पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने आसपास के थानों और सीमावर्ती जिलों से संपर्क कर पहचान की कोशिश शुरू की।

20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान गोपाल कुमार के रूप में की। पुलिस के अनुसार, गोपाल की उम्र 50 वर्ष थी और वह नई बस्ती, आबकारी चौकी के पास, बिजनौर का रहने वाला था। इसके बाद उसके बेटे आशु कुमार की शिकायत पर कोतवाली नगर में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

संबंध और धमकी का पुलिस का दावा

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, जांच में गोपाल और नरेंद्र की पत्नी के बीच संपर्क की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच रुपये के लेनदेन के बाद संबंध बने थे। गोपाल महिला पर परिवार छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था।

पुलिस का दावा है कि गोपाल ने महिला को वीडियो सार्वजनिक करने और जान से मारने की धमकी भी दी थी। परेशान होकर महिला ने अपने पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद नरेंद्र ने पत्नी, अपने भाई और गांव के एक व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, गांव के उस व्यक्ति को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी।

घाट पर वारदात को कैसे अंजाम दिया गया

पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत 16 सितंबर को महिला गोपाल को हरिद्वार लेकर आई। रात में वह उसे गंगा घाट पर ले गई। वहां शराब पीने के बाद गोपाल के सो जाने का इंतजार किया गया।

इसके बाद पहले से छिपे लोगों ने चापड़ और धारदार छुरी से उस पर हमला किया। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने गोपाल का मोबाइल और पर्स निकालकर गंगा में फेंक दिया और वहां से चले गए।

पुलिस ने नरेंद्र और उसकी पत्नी को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। मामले में शामिल बताए जा रहे 2 अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

कॉल डिटेल से जांच को मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने गोपाल के निवास स्थान पर जाकर लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। पुलिस के अनुसार, कॉल रिकॉर्ड में आरोपी महिला के नंबर से संपर्क की जानकारी मिली।

मृतक के परिजनों ने भी कुछ लोगों पर आशंका जताई थी। पुलिस ने कॉल डिटेल, पूछताछ और अन्य जानकारियों को जोड़कर मामले में पत्नी और उसके पति तक पहुंचने का दावा किया है।

निष्कर्ष

पुलिस ने हत्या के मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किया है। 2 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और गिरफ्तार दोनों लोगों को अदालत में पेश किया जाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गोपाल कुमार की हत्या कहां हुई थी?

पुलिस के अनुसार, गोपाल की हत्या हरिद्वार के गंगा घाट पर की गई थी। उसका शव सर्वानंद घाट के पास मिला था।

Q. मृतक की पहचान कब हुई?

परिजनों ने 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचकर शव की पहचान गोपाल कुमार के रूप में की थी।

Q. मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?

पुलिस ने नरेंद्र और उसकी 36 वर्षीय पत्नी को गिरफ्तार किया है।

Q. हत्या में कितने लोग शामिल बताए जा रहे हैं?

पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के अलावा नरेंद्र का भाई और गांव का एक अन्य व्यक्ति भी साजिश में शामिल थे।

Q. फरार आरोपियों के बारे में क्या जानकारी है?

पुलिस ने बताया कि 2 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।

Q. पुलिस को जांच में मुख्य सुराग कैसे मिला?

पुलिस ने पूछताछ के साथ गोपाल की कॉल डिटेल खंगाली। कॉल रिकॉर्ड से आरोपी महिला से संपर्क की जानकारी मिलने का दावा किया गया है।

Q. घटना में कौन सा हथियार बरामद हुआ?

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लोहे का चापड़ बरामद किया है।